हर रोग का इलाज होता है द व्हाइट लोटस एवं युग ऋषि आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र में- डॉ बीएस राजपूत

    नई दिल्ली। विश्व जागृति मिशन द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न सेवा प्रकल्पों मे स्वास्थ्य को अधिक से अधिक महत्व दिया जाता है क्योकि स्वस्थ शरीर से ही दुनिया की सभी वस्तुयों का आनंद लिया जा सकता है और ईश्वर की आराधना संभव है। शरीर एक मंदिर के समान है और स्वस्थ शरीर मे ही ईश्वर का वास होता है। सेवा के इसी क्रम मे परम पूज्य सुधांशु जी महाराज ने वर्ष 2013 मे “ द व्हाइट लोटस हैल्थकेयर सेंटर” की स्थापना की जिसमे आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सको को नियुक्त करके विभिन्न रोगो के इलाज के लिए पंचकर्म विधि से जोड़ो के दर्द, शुगर, उच्च रक्तचाप, गठिया, मोटापा, चेहरे की झुर्रिया, शियाटिका, स्पोण्डलिटिस, कब्ज तथा पेट का अनेक रोगो, वेरिकोस वेन्स, बवासीर, फिश्चुला,दिल की बीमारियों तथा अन्य गंभीर रोगो के इलाज की व्यवस्था की गई है। यह स्वास्थ्य केंद्र ISO 9001-2008 द्वारा प्रमाणित है तथा दिल्ली म्यूनिसिपल कार्पोरेशन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पंजीकरत है इस केंद्र के चारो ओर का सुरम्य वातावरण इतना प्रभावशाली है की केवल एक बार यहाँ आने पर ही मरीज अपने को स्वस्थ और प्रफुल्ल अनुभव करने लगता है। इस केंद्र मे मरीजो के ठहरने और यहाँ रह कर इलाज और भोजन की भी व्यवस्था है। साथ ही इस केंद्र मे दिल संबंधी रोगो के इलाज की ECP मशीन द्वारा भी ठीक करने के व्यवस्था है। आयुर्वेदिक मसाज, शिरोधारा, कटि वस्ती, ग्रीवा वस्ती, विकार शोधन (Detoxification) आदि प्रक्रियायों द्वारा रोगो को जड़ से ठीक करने की भी व्यवस्था है।
    आयुर्वेद की इन सेवाओ को जन जन तक पहुचाने के लिए “युग ऋषि आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र” की स्थापना सैक्टर 11 रोहणी मे भी की गई है यह केंद्र CNG पम्प के सामने रोहणी मे स्थित है। आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सक यहाँ पर रोगियो का इलाज सफलता पूर्वक किया जा रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र मे आयुर्वेदिक पद्धति से एवं युग ऋषि प्रोडक्टस के द्वारा अनेक अससाध्य रोगो का उपचार किया जा चुका है। विदेशो से भी अनेक सैलानी एवं मरीज यहाँ आकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे है। दिल्ली मे द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास ही यह केंद्र स्थित है। रोहणी मे रीठाला मेट्रो स्टेशन से केवल 1 Km की दूरी पर है।

    लेखक डॉ बीएस राजपूत द व्हाइट लोटस एवं युग ऋषि आयुर्वेद स्वस्थ्य केंद्र में प्रशासक हैं