गीता के उपदेशों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक – आचार्य लोकेश

कुरुक्षेत्र मे हरियाणा सरकार एवं गीतामनीषी स्वामी ज्ञानानंदजी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान विराट संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेशजी, स्वामी प्रमात्मानन्दजी, भानुपीठाधीश्वर शंकराचार्य ज्ञानानन्दतीर्थजी, बाबा भूपिंदर सिंह जी, स्वामी हरिचेतनानंद जी,  स्वामी धर्मदेवजी, आचार्य ब्रहमस्वरूपजी व इस्कॉन के स्वामीजी ने संबोधित किया।

शांतिदूत आचार्य लोकेशजी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज से पांच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जीवन जीने की कला का उपदेश दिया था। जिसे आज पूरा संसार अपने जीवन पद्धति में शामिल करने के इच्छुक है। गीता एक ग्रंथ ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन जीने का सिद्धांत भी है। उन्होंने कहा कि गीता के सिद्धांतों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। गीता जीवन को समझने और समस्याओं को सुलझाने मे सहायक सिद्ध होती है। गीता ने दर्शन और विज्ञान में अनेक सिद्धांत स्थापित किए हैं।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके कारण भारत का नाम विश्व में रोशन हुआ है और कुरुक्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि गीता के उपदेशों को अपनाने से मानव जाति का कल्याण संभव है। गीता एक सर्वांगीण व्यक्तित्व और संतुलित समाज ने निर्माण मे सहयोग देती है।

उल्लेखनीय है कि मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019  का आगाज हुआ। इस महोत्सव में 18 हजार विद्यार्थियों के साथ वैश्विक गीता पाठ, ध्वनि और प्रकाश शो उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र पटियाला द्वारा 12 से ज्यादा राज्यों के कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार, विराट संत सम्मेलन, ब्रह्मसरोवर की महाआरती, गीता शोभा यात्रा आदि मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।