बाल दिवस 2019: भगवत गीता में जीवन का सार निहित है- एडीजी ग्वालियर

भिंड। गीता के 18 अध्याय और 700 श्लोक में उपनिषद् और ब्रह्मसूत्र भी सम्मिलित हैं। भारतीय परंपरा में श्रीमद् भागवत गीता का वही स्थान है जो उपनिषद् और धर्म सूत्रों का है। भगवत गीता में जीवन का सार निहित है। यह बात बिहारी बाल मंदिर परिसर में बाल दिवस पर आयोजित बाल मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में एडीजी ग्वालियर जोन राजाबाबू सिंह ने कही।
कार्यक्रम के दौरान एडीजी सेंगर ने वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन्होंने प्रदूषण को दूर करने के लिए पौधरोपण जल संरक्षण के बारे में जानकारियां दी। इसी कड़ी में प्रो. इकबाल अली ने कहा कि भगवत गीता के 14वें अध्याय में प्रकृति के सभी गुण हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार सुबोध अग्निहोत्री, आयोजनकर्ता और समाजसेवी राजेश शर्मा, रामलखन शर्मा आजाद, ज्योतिषाचार्य पंडित राधेश्याम शर्मा, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बीएस सिकरवार, डॉ.यशवंत सिंह, नागरिक सहकारिता बैंक अध्यक्ष एडवोकेट वीरेंद्र जैन, डॉ.शैलेंद्र परिहार, आरटीओ अर्चना परिहार, नपा उपाध्यक्ष रामनरेश शर्मा, क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष रामोतार सिंह कुशवाह, प्रो.इकबाल अली, राष्ट्रपति पदक विजेता कवि डॉ. सुनील कुमार निराला, शिवदत्त शर्मा, राजीव शर्मा उर्फ बबलू, भरत पाठक, कार्यक्रम इंचार्ज आलोक शर्मा उर्फ गोलू, पूर्व जनपद अध्यक्ष उमेश सिंह भदौरिया, पवन सिंह भदौरिया, कलम किशोर जोशी, दीपक चौधरी ने दो हजार छात्रों में भगवत गीता ग्रंथ का वितरण किया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भक्ति और देश भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी। बाल मेले में बच्चों ने खाने-पीने के स्टाल लगाए, जिसमें अभिभावकों ने खरीदारी की। इसी क्रम में मेले में लगाए गए नि:शुल्क दंत शिविर में डॉ.यशवंत सिंह ने तीन हजार बच्चों का दंत परीक्षण किया।