502 साल बाद पड़ रहा है समसप्तक संयोग के साथ बुद्ध पूर्णिमा

नई दिल्ली/ शशिकांत पाल। इस साल बुद्ध पूर्णिमा के दिन समसप्तक राजयोग बनने के कारण इसका महत्व बढ़ गया है। मान्यता के मुताबिक इसदिन किए गए सभी कार्यों में स्थायित्व प्राप्त होता है। अगर आप घर, जमीन, वाहन, नई नौकरी या फिर बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो ये दिन आपके लिए सबसे बेहतर साबित हो सकता है। हालांकि कई मायनों में जहां शुभ काम के लिए बेहद बेहतरीन दिन होगा वहीं ग्रहों के संयोग महंगाई बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ाने के साथ भूकंप का भी सूचक दे रहा है। इसलिए कुछ दिक्कतें भी संयोग बनाती रहेंगी। ज्योतिषविद् कृष्णा शर्मा के मुताबिक समसप्तक राजयोग तब बनता है जब गुरु बृहस्पति और भगवान सूर्य आमने-सामने आ जाते हैं। कृष्णा शर्मा बताती हैं कि आज से करीब 502 साल पहले समसप्तक राजयोग पड़ा था। आगे ये संयोग अब 205 साल बाद 2 जून 2224 में आएगा। भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव वैसे तो हर साल बहुत अहम होता है लेकिन इस बार उनके जन्मदिवस पर मंगल-राहु और शनि-केतु का भी दुर्लभ योग भी बन रहा है। कुल मिलाकर इस बार बुद्ध पूर्णिमा कई मायने में बहुत मायने रखेगी।