हर हाल में बनेगा राम मंदिर, साधु संत धैर्य रखें- योगी आदित्यनाथ

अयोध्या/ सुनील कुमार दुबे। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार क़ानून के दायरे में रहकर राम मंदिर का निर्माण कराएगी और इसके लिए साधु-संतों को धैर्य रखना होगा। योगी आदित्यनाथ, कल महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मदिन समारोह में शामिल होने अयोध्या गए थे। उनके बयान पर रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. राम विलास वेदांती ने दावा किया है कि 2019 के पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा और अगर बीजेपी राम मंदिर नहीं बनाएगी तो उसका अस्तित्व मिटा जाएगा।

2019 से पहले देश से हर वादा पूरा करने की बात हो रही है लेकिन बीजेपी से जिस काम के लिये अयोध्या में जमा संत जो बात सुनना चाहते हैं वो है राम मंदिर का निर्माण महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मदिन पर अयोध्या में एक कार्यक्रम में शामिल हुए जिसमें हंसी और मुस्कुराहट के बीच हर चेहरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद लगाए थे कि आज योगी ऐलान कर देंगे कि अयोध्या में मंदिर कब बनने जा रहा है।

इस तारीफ़ के साथ चैलेंज भी था और योगी हर साधु की बात ग़ौर से सुन रहे थे साथ में मुस्कुरा भी रहे थे। साल 2014 में केंद्र में भारी बहुमत से सरकार बनाने के बाद से बीजेपी को ये चुनौती मिल रही है यूपी में 2017 में सरकार बनाने के बाद ये चैलेंज और गंभीर हो चुका है।

एक के बाद एक साधु संत आए और अपने अंदाज़ में योगी को चैलेंज देते गये एक ने बताया कि अगर अयोध्या में मंदिर बनता है तो देश की सभी समस्याएं ख़त्म हो जाएंगी।

लेकिन अयोध्या में संतों के बीच बैठे महंत के लिये तल्ख़ी भी थी बीजेपी पर इल्ज़ाम लगता रहा है कि वो मंदिर बनाने की बात तो करती है लेकिन तारीख़ नहीं बताती जबकि यूपी से लेकर केंद्र तक हर जगह बीजेपी की सरकार है इस बीच रामविलास वेदांती जो बीजेपी के सांसद भी रह चुके हैं उन्होंने सभा में बीजेपी पर सबसे बड़ा वार किया कहा मंदिर नहीं बना तो बीजेपी को देश उखाड़ फेंकेगा।

ये सब बातें अब तक ख़ामोशी से सुनते रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब जवाब देने के लिये तैयार थे वो उठे इंतज़ार था कि अब योगी क्या बोलेंगे योगी बोले और मंदिर की बात सुनने को बेक़रार साधु संतों को एक नया मंत्र दिया धैर्य और सब्र रखने का मंत्र। भगवान राम के शहर आए योगी ने कहा कि 15 साल बाद यूपी का कोई मुख्यमंत्री बना है जिसने अयोध्या में आने की हिम्मत दिखाई है उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में एक व्यवस्था होती हैऔर देश इसी क़ायदे से चलता है।

सवाल बाक़ी रह गया कि क्या 2019 से पहले मंदिर बनाने की राह में हर रुकावट दूर हो जाएगी योगी ने कांग्रेस पर इल्ज़ाम लगाया कि वो हर कोशिश कर रही है कि 2019 से पहले मंदिर ना बने लेकिन उन्हें भगवान राम पर यक़ीन है।

सीएम योगी जानते हैं कि कुर्सी होते हुए वो उस तरह की बातें और वादे नहीं कर सकते जो सीएम बनने से पहले आसान थे लिहाज़ा धैर्य और सब्र के बाद संतों को संविधान का दायरा भी समझाया।

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर के लिये बिगुल फूंक दिया गया है लेकिन इसको बजाने वाले अब भी वही लोग हैं जो सालों से इसकी मांग करते आ रहे हैं मामला सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन कोशिश केस को बाहर सुलझाने की भी होती रही है फर्क ये आया है कि बड़े बहुमत से सरकार बनाने के बाद बात अब संविधान और क़ानून के दायरे के साथ सब्र करने की हो रही है