अर्धकुंभ को लेकर योगी सरकार संजीदा, धन के लिए सीएम योगी ने की जेटली से मुलाकात

नई दिल्ली/ अमित यादव। इलाहाबाद में होने वाले अर्द्धकुम्भ मेला के आयोजन की तैयारियों में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर अर्द्धकुम्भ की तैयारियों के लिए केंद्र से धनराशि की मांग की। फिलहाल यह साफ नहीं है कि उन्होंने कितनी धनराशि की मांग की है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य सरकार को कुम्भ की तैयारियों के लिए कम से कम डेढ़ हजार करोड़ रुपये की दरकार होगी।

यूपी के मुख्यमंत्री ने नार्थ ब्लॉक जाकर वित्त मंत्री से मुलाकात की। योगी ने ट्वीट कर जेटली के साथ करीब आधे घंटे चली बातचीत को ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इलाहाबाद में 2019 में होने वाले अर्द्धकुम्भ की तैयारियों के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है। योगी और जेटली की बातचीत के दौरान मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम और वित्त सचिव अशोक लवासा भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इससे पहले योगी ने दिन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की।

वित्त मंत्री से योगी की यह मुलाकात इसलिए अहम है, क्योंकि राज्य सरकार अपने आम बजट 2017-18 में इलाहाबाद में होने वाले अर्द्धकुम्भ के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन कर चुकी है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार को अर्द्धकुम्भ की तैयारियों के लिए कम से कम डेढ़ हजार करोड़ रुपये की जरुरत होगी। बतादें कि साल 2013 के इलाहाबाद कुंभ पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। इसमें से 1100 करोड़ रुपये से अधिक राशि मौजूदा यूपीए सरकार ने अनुदान दी थी। हालांकि बाद में कैग ने जब कुम्भ आयोजन का ऑडिट किया तो पाया कि तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने अपने हिस्से की मात्र एक प्रतिशत राशि ही खर्च की थी।

योगी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अर्द्धकुम्भ न सिर्फ आस्था, सभ्यता और संस्कृति का संगम है, बल्कि यह यूपी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत अहम है। इसलिए राज्य सरकार इसके आयोजन को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के अनुसार इलाहाबाद पूर्ण कुम्भ 2013 में करीब आठ करोड़ घरेलू और विदेशी पर्यटकों ने यात्रा की, जिसमें करीब साढ़े तीन लाख विदेशी पर्यटक शामिल थे। इलाहबाद में गंगा और यमुना के संगम तट पर हर छह साल पर अर्द्धकुम्भ, 12 साल में पूर्णकुम्भ और 144 साल में महाकुम्भ मेला का आयोजन किया जाता है।