स्वामी चिदानन्द सरस्वती और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच हुई पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा

लखनउ/ रोहित उपाध्याय। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आगामी महाकुम्भ मेले को ग्रीन व क्लीन कुम्भ बनाने पर चर्चा हुई। स्वामी जी ने तीर्थ स्थलों पर हरित शवदाह ग्रह बनाने, शिक्षण पाठ्यक्रम में पर्यावरण एवं स्वच्छता को शामिल करने, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता लाने, अपने कार्यो की शुरूआत वृक्षारोपण से करने और अन्य सकारात्मक विषयों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने परमार्थ निकेतन में होने वाली हरित कथा में सहभाग करने के लिये आमंत्रित किया। उन्होने महाग्रन्थ हिन्दूधर्म विश्वकोश की ग्यारह प्रतियां भी भेंट की। यह महाग्रन्थ 11 प्रतियों और 7000 प्रविष्ठयों में प्रकाशित किया गया है। इसमें वर्षों पुराने भारतीय इतिहास, विज्ञान, कला, स्थापत्य, राजनीति, धर्म, दर्शन एवं संस्कृति का उल्लेख किया गया है। इसमें केवल हिन्दू धर्म ही नहीं बल्कि सिक्ख, जैन, बौद्ध, यहुदि एवं ईसाई धर्मों की संस्कृति, सभ्यता एवं इतिहास का वर्णन मिलता है। इस महाग्रन्थ का विमोचन भारत में राष्ट्रपति भवन एवं विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ और अन्तर्राष्ट्रीय विमोचन विश्व के विभिन्न देशों यथा अमेरिका एवं यूनाइटेड किगंडम में भव्यता के साथ विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ था।
चर्चा के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, ’हिमालय सी ऊंचाई, विशालता, दृढ़ता एवं भागीरथी संकल्प लिये माननीय योगी जी जिस प्रसन्नता और उत्साह के साथ उत्तर प्रदेश के विकास और उन्नति के लिये प्रतिबद्ध है यह सचमुच अनुकरणीय है। उन्होने कहा कि सबका साथ, सबका विकास एवं सबको साथ लेकर चलने की नीति से निश्चित रूप से विलक्षण परिवर्तन होगा। उत्तरप्रदेश अपने आप में एक देश है, उसकी अपनी संस्कृति है, उसे सहेज कर रखने और नूतन परिवर्तन को अंगीकार कर सकारात्मक विकास कि लिये हिमालय पुत्र योगी जी जिस प्रकार आगे बढ़ रहे है यह सराहनीय कार्य है, उनकी सच्चाई, ईमानदारी और कार्य करने की पद्धति से लोगों में नई ऊर्जा एवं आस्था का संचार हुआ है और उसके संकेत भी पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहे है।’
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि 2018 और 2019 अगामी महाकुम्भ में जहां भारत व विश्व के अनेक देशों से श्रद्धालु आते है उन्हे विभिन्न धर्मो के धर्मगुरूओं और देश के प्रबुद्ध नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता, योग को अंगीकार करने व शौचालय निर्माण और उपयोग का संदेश प्रेषित करने के विषय में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष चर्चा हुई।