योग वह बंधन है जो मजबूती, एकता, सहयोग, विश्वास एवं सद्भाव के बढ़ावा देता है- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। विश्व के अनेक देशों से आये योग जिज्ञासुओं का दल कुण्डलिनी योगाचार्य गुरूमुख कौर खालसा के मार्गदर्शन में परमार्थ निकेतन पहुंचा। उन्होने परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती में सहभाग किया। कुण्डलिनी योग विशेषज्ञ गुरूमुख कौर खालसा जी के मार्गदर्शन में लगभग 100 से अधिक योग जिज्ञासुओं का एक दल तीर्थनगरी, ऋषिकेश में भारत की संस्कृति, संस्कार, आध्यात्म, योग एवं प्राणायाम की विधाओं को आत्मसात करने हेतु पधारा।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, आध्यात्मिक गुरू स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से गुरूमुख कौर खालसा ने भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में योग जिज्ञासुओं ने भारतीय दर्शन, आध्यात्म, संस्कारों के विषय में जानकारी प्राप्त की। चर्चा के दौरान स्वामी जी ने वैश्विक स्तर पर शान्ति स्थापित करने एवं भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने वाले विषयों पर उद्बोधन दिया। स्वामी जी ने प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्या पर सभी का ध्यान आकर्षित कराते हुये कहा कि पर्यावरणीय प्रदूषण कुछ लोगो या कुछ देशांे की समस्या नहीं है यह तो पूरे प्लानेट की समस्या है अतः समाधान भी सभी को मिलकर करना होगा। उन्होने कहा कि जीवन के लिये वायु और जल दोनों नितांत आवश्यक है और दूर्भाग्यवश वर्तमान समय में दोनो ही आत्यधिक प्रदूषित हो रहे है परन्तु ऐसा नहीं है कि हम इन समस्याओं को हल नहीं कर सकते, निश्चित रूप से इस पर सफलता प्राप्त की जा सकती है और उसके लिये मिलकर टीम वर्क करना होगा।

स्वामी जी ने हेनरी फोर्ड के कथन को दोहराया कि ’एक साथ आना आरंभ है, एक साथ बने रहना विकास है और एक साथ काम करना सफलता है।’ मिलकर कार्य करना एकता का द्योतक है और योग तो जीवन में संयोग लाता है; एकता का सुत्रपात करता है। योग वह बंधन है जो मजबूती, एकता, सहयोग, विश्वास एवं सद्भाव के बढ़ावा देता है। उन्होने कहा कि हम सभी में कोई न कोई विशिष्ट गुण है और यह भी सही है कि हम सभी कार्यो की विशिष्टता में महारत हासिल नही कर सकते इसलिये यदि सभी विशिष्टतायें एक साथ आ जाये तों कोई भी कार्य असम्भव नहीं हैं। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी को पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संकल्प कराया सभी ने हाथ उठकार संकल्प लिया।