भारत की भव्यता और दिव्यता का परिचायक है योग कुम्भ – चिदानंद सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और केन्द्रीय राज्य मंत्री के.जे. अल्फोंस की हुई भेंटवार्ता। प्रयागराज कुम्भ के दौरान होने वाले योग कुम्भ की विशेष तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई।प्रयागराज कुम्भ के दौरान भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आने वाले श्रद्धालुओं को योग से जोड़ने, योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन के सूत्र बताने और योग-ध्यान की विभिन्न विधाओं से अवगत कराने हेतु इस दिव्य योग कुम्भ का आयोजन परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार, अतुल्य भारत, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, भारतीय योग संस्थान, इंडियन योग एसोसिएशन एवं पर्यटन मंत्रालय, उत्तरप्रदेश सरकार के अद्भुत प्रयासों से किया जा रहा है। सस्ंथा के एक्सेक्यूटिव प्रेसिडेंट डाॅ नागेन्द्र जी व गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन योगगुरू स्वामी रामदेव जी महाराज हैं। गवर्निंग बॉडी के अन्य सदस्यों में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, श्री श्री रविशकंर जी, सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी तथा श्री डाॅ प्रणव पण्डया जी आदि हैं। श्री डाॅ नागेन्द्र जी एवं स्वामी रामदेव जी महाराज योग महाकुम्भ के अवसर पर योग क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित सन्तों एंव योगियों के साथ उपस्थित रहेंगे। साथ ही 32 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थायें जो इससे जुड़़ी हुई हैं वे सभी सस्ंथाएं भी प्रयागराज योग कुम्भ में सहभाग करेगी।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने बताया की 30 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की शुरूआत की थी। 30 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर योग कुम्भ में सभी को आमंत्रित किया है जिस से सब लोगों को गंगा तट पर प्रातः काल की वेला में एक तरफ जब यज्ञ, कीर्तन, अनुष्ठान, कथाएं आदि चल रहे होंगे तभी प्रातः काल की वेला में संगम तट पर बैठकर सब योग एंव ध्यान कर सकें ऐसी व्यवस्था की जा रही है। इससे योग और ध्यान का संदेश तो पूरे विश्व में जायेगा ही साथ ही पूरा कुम्भ वातावरण भी योगमय हो जायेगा। आयुष की सभी पद्धतियों को साथ लेते हुये, लोगों को स्वास्थ्य के बारे में जागृत किया जा सकेगा। कुम्भ संगम है भीतर के स्वास्थ्य और बाहर के स्वास्थ्य का जब दोनो ठीक रहेगें तभी हमारा देश स्वस्थ व समृद्ध भारत बनेगा। स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत बन सकता है। बीमार लोग समृद्ध भारत का निर्माण नहीं कर सकते। यह इसलिये भी जरूरी है योग यात्रा स्वस्थ भारत से स्वस्थ विश्व की यात्रा है, इसीलिये इस पर ध्यान देना जरूरी है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने योग चर्चा के दौरान योग की असीम संभावनाओं पर विश्व में होने वाले प्रभाव का श्रैय भारत सरकार का कुशलता से नेतृत्व करने वाले, भारत के यशस्वी, तपस्वी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को दिया जिन्होंने संयुक्त राष्ट में जाते ही पहली बार में ही इस तरह का अद्भुत प्रस्ताव सदन में रखा जिसे पूरे विश्व ने सराहा ही नहीं वल्कि स्वीकृति भी प्रदान की तथा धीरे-धीरे अब विश्व के लोग योग को अपनी जीवन शैली में भी अपनाने लगे हैं।
स्वामी जी महाराज ने केन्द्रीय राज्य मंत्री पर्यटन मंत्रालय श्री के.जे. अल्फोंस जी को आशीर्वाद स्वरूप एक शाल पहनाई और कहा कि आपके एंव आयुष मन्त्री भारत सरकार श्री श्रीपद् येस्सो नाईक जी के रुचि लेने से ही अब योग पर्यटन की जलेगी मशाल और पूरा भारत बनेगा एक मिसाल। दुनिया में जुड़ने का संदेश अपने परिवार से जुड़ने का संदेश, समाज से जुड़ने का संदेश, अपने देश से जुड़ने का संदेश और प्रकृति से जुड़ने का संदेश देगा ये योग कुम्भ। केन्द्रीय राज्य मंत्री पर्यटन मंत्रालय श्री के.जे. अल्फोंस जी ने योग कुम्भ में आने की अपनी स्वीकृति भी प्रदान की।