यमुना को लेकर सांसद मनोज तिवारी और स्वामी चिदानंद के बीच हुई वार्ता

दिल्ली। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, स्वामी चिदानन्द सरस्वती और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी की दिल्ली में बैठक सम्पन्न हुई। दोनों के बीच यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के विषय में चर्चा हुई। स्वामी चिदानंद की भेंटवार्ता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व सचिव, श्री गौरी शंकर से भी हरित गलियारा और हरित शवदाह गृह बनाये जाने तथा नदियों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त करने के विषय में चर्चा हुयी।

उत्तराखण्ड से निकली यमुना नदी दिल्ली में जाकर जिस हाल में पंहुच गयी वह सभी जानते है। दिल्ली क्षेत्र में यमुना जी में अमोनिया का स्तर काफी बढ़ गया है इसमें अमोनिया के 1Û12 पार्टिकल्स पर मिलियन तक पहुंच गये है जो स्वास्थ्य के लिये अत्यंत हानिकारक है। अतः प्रदूषण को कम करने के लिये हरित संस्कृति को अपनाना ही बेहतर है।

चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ’दिल्ली में यमुना जी की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। यमुना जी एवं अन्य नदियों के किनारों पर हरित गलियारा और हरित शवदाह गृह बनाये जाये जिससे की बढ़ते प्रदूषण और बढ़ते अतिक्रमण को कम किया जा सकता है। चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि नदियों के दोनों तटों पर जैविक खेती एवं छायादार, फलदार एवं जड़दार वृक्षों का रोपण किया जाना चाहिये इससे मृदा का क्षरण भी कम होगा; वातावरण शुद्ध होगा और प्राणवायु ऑक्सीजन में भी वृद्धि होगी।’