विश्व शौचालय दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने शौचालय के निर्माण एवं प्रयोग का कराया संकल्प

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में चल रहे विराट हिन्दुस्तान संगम के समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी, मलेशिया और हांगकाग से पधारे गणमान्य अतिथियों को इंसाइक्लोपीडिया ऑफ हिन्दुज्म (हिन्दूधर्म विश्व कोश) की प्रतियां भेंट की। यह महाग्रन्थ 1000 से अधिक विद्वानों द्वारा 25 वर्षों के अथक प्रयासों का प्र्रतिफल है। यह ग्रन्थ केवल हिन्दू तक ही सीमित नहीं है बल्कि कला, इतिहास, संस्कृति, सभ्यता, भाषा, साहित्य, दर्शन एवं विज्ञान के अपने अन्दर समेटे समरसता, सामंजस्य एवं सहकार का संदेश देता है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी को महाग्रन्थ हिन्दू धर्म विश्वकोश की 11 खण्ड़ों की प्रतियां भेंट की। उन्होने कहा कि भारत सहित विश्व के सभी विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों तक हिन्दूधर्म विश्वकोश पहुंचे ताकि इसका लाभ भावी पीढि़यों को मिले और वे ज्ञानार्जन कर सके।

विराट हिन्दुस्तान संगम सम्मेलन में आयी अभिनेत्री निशा कोठारी जिन्होने कई हिन्दी फिल्मों में श्रेष्ठ भूमिका निभायी उन्होने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आध्यात्म के विषयो पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा ’अब सौगात में बुके नहीं बुक्स देने का समय है ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ ज्ञानवर्धन भी होता रहे। उन्होने कहा हिन्दू धर्म, शाश्वत धर्म है वह अपने अन्दर वैदिक सनातन पद्धति को लिये विश्व एक परिवार है का संदेश प्रेषित करता है, यह केवल एक पूजन पद्धति नहीं बल्कि जीवन पद्धति है; इसमें वैज्ञानिकता एवं परम्पराओं का समागम भी है जिसमें समस्त प्राणी जगत को उचित स्थान प्राप्त है हिन्दू धर्म का यही स्वरूप समसरता एवं सद्भावना को चरितार्थ करता है।’

डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि ’हिन्दू परम्परा मानवता के धार्मिक एवं व्यवहारिक पक्ष को उजागर करती है जो मानव को केवल मानव से ही नहीं बल्कि प्रकृति से भी प्रेम करना सिखाती है। इस अवसर पर योग में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हांगकांग के श्री योगराज सी पूवेन्द्रण जी ने योग का प्रदर्शन किया साथ ही योग एवं प्राणायाम के माध्यम से एकता के सूत्रपात पर अपने विचारों को साझा किया।

श्री दातुक सेरी आर एस थिनेन्थिरण जी, संस्थापक अध्यक्ष शाक्ति फाउंडेशन मलेशिया ने महाग्रन्थ हिन्दू धर्म विश्वकोश लेते हुये कहा कि यह उनके जीवन का अनमोल गंंथ है उन्होेेेने हिन्दू धर्म के विषय में उद्बोधन देते हुये कहा शान्ति एवं प्रेम के व्यापक स्वरूप के दर्शन हिन्दू धर्म में होते है यही संदेश हमें ग्रहण करना चाहिये।

प्रोफेसर डॉ केतुक विध्न्या जी, महासचिव बीमस हिन्दू, इंडोनेशिया ने कहा कि भारत के पास गंगा रूपी धरोहर है जो शान्ति और एकता से पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधती हैं। परमार्थ गंगा आरती के माध्यम से आज जो हृदय में शान्ति का समावेश हुआ वह अविस्मर्णीय है मैं उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता।

श्री अगस इंद्र उदायना जी, संस्थापक, अध्यक्ष गांधी पुरी आश्रम, इंडोनेशिया, श्री गजल श्रीनिवास जी, गजल विश्व रिकार्ड धारक, स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी, विसाका, शारदा पीठम, विशाखपट्नम, धर्मगुरू मौलाना महमूद अहमद काजी, मुख्य काजी देहरादून, मुख्य ग्रंथि श्री गुरू सिंह सभा देहरादून, प्रसिद्ध कथक श्री किरीटभाई व्यास जी जैन मुनी स्वामी समर्पण सागर जी, श्री जेपी सिंह, फादर आचार्य विपिन जोशी जी एवं अन्य अतिथि उपस्थित थे।

आज विश्व शौचालय दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने शौचालय के प्रयोग का महत्व समझाते हुये शौचालय के प्रयोग का संकल्प कराया। इस अवसर पर आयोजक समिति के जहीर अंसारी, विराट हिन्दुस्तान संगम के राष्ट्रीय सचिव, ई राजीव गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, डॉ राजुल शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष, कार्तिक श्रीनिवासन, प्रदेश संजोजक, डॉ प्रशांत जैन, श्रीमती मोनिका गर्ग, श्रीमती अनुपमा गुप्ता, डॉ मेघा शर्मा, गंगा एक्शन परिवार से नंिन्दनी त्रिपाठी एवं अन्य उपस्थित थे।