विश्व शांति व सद्भावना के लिए आध्यात्मिक उत्थान आवश्यक – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली/ असित अवस्थी। योगऋषि बाबा रामदेव एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि की दिल्ली मे मुलाकात हुई। इस खास मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा हुईष साथ ही समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी कार्यों पर विचार किया गया। इस मौके पर आचार्य लोकेश मुनि ने 24 फरवरी को मुंबई मे अहिंसा विश्व भारती द्वारा आयोजित होने वाले ‘मुक्ति का मार्ग: धर्म, आध्यात्मिकता और ज्ञान पर चर्चा’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन के लिए बाबा रामदेव को आमंत्रित किया।

आप को बता दें कि पिछले दिनों आचार्य लोकेश की सद्गुरु जग्गी वासुदेव से भी भेंट हुई थी और उन्होने भी सम्मेलन के उद्घाटन करने की स्वीकृति प्रदान कर दी थी। सम्मेलन में सद्गुरु जग्गी वसुदेव, बाबा रामदेव व आचार्य लोकेश पहली बार एक मंच से विश्व शांति और सद्भावना का संदेश देंगे। यह एक ऐतिहासिक अवसर होने के साथ-साथ आध्यात्मिक जगत में एक मिसाल होगी।

योगऋषि बाबा रामदेव ने भेंट के दौरान कहा कि अध्यात्म, योग और भारत के प्राचीन ज्ञान को समाज व राष्ट्र हित के कार्यों से जोड़ने कि आवश्यकता है। भारत का प्राचीन ज्ञान जैसे आयुर्वेद, योग आदि वर्तमान की अनेक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता है। उस ज्ञान को अपनी जीवन शैली मे अपनाने से स्वस्थ्य, समृद्ध व खुशहाल व्यक्तित्व के साथ एक विकसित समाज का निर्माण संभव है। उन्होने कहा कि युवा पीढ़ी को प्राचीन भारतीय ज्ञान से जोड़ने के लिए उन्हे इस दिशा मे रोजगार उपलब्ध करने होंगे।

आचार्य लोकेश ने बताया कि 24 फरवरी को मुंबई के सन्मुखानन्द ऑडिटोरियम में अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा मुक्ति का मार्ग: धर्म, आध्यात्मिकता और ज्ञान पर चर्चा’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उदघाटन सद्गुरु जग्गी वासुदेव, बाबा रामदेव और आचार्य लोकेश करेंगे और विश्व शांति और सद्भावना का संदेश देंगे। उन्होने बताया कि आध्यात्मिक इतिहास मे पहली तीन विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु एक मंच पर होंगे और जनमानस के कल्याण की बात करेंगे।