विश्व धर्म सम्मलेन में भाग लेने आरा पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत

आरा/ रवि शर्मा। बिहार के आरा में श्री रामानुजाचार्य सहस्त्राब्दी जयंती सह अखिल अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में देशभर के साधु-संतों के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत शामिल हुए।

इस मौके पर आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हम देशवासी एक ही भारत मां की संतान हैं ऐसे में हमे आपसी द्वेष, वैराग्य और वैमनस्य की भावना से उपर उठ कर काम करना चाहिये और एक साथ रहना चाहिये। सर संघ चालक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वजों पर आस्था रखनी चाहिये और उनके उपदेशों का अनुपालन करना चाहिये। उन्होंने कहा कि भगवान भी भक्तों को बिन बताये उनके छोटे-छोट काम खुद कर देते हैं यही कारण है कि भगवान अभाव और प्रभाव दोनों स्थितियों में भी हमेशा सबसे उपर होते हैं। उन्होंने कहा कि छुआछूत से उपर उठ कर आज हमे स्वच्छ भारत बनाने और सबका विकास करने की जरूरत है। अगर हम अंदर के नारायण का ध्यान और बाहर के नारायण की सेवा करेंगे।

सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’भगवान श्री राम ने सेतु बनाया था परन्तु पूज्य श्री रामानुजाचार्य जी ने जो दक्षिण और उत्तर को जोड़ते हुये आस्था का सेतु बनाकर जो संदेश दिया वह अद्भुत है। उन्होंने कहा कि आज जो यहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित है, यही है आस्था का, भक्ति का संगम है; यही पर होते है यही मायने में भारत के दर्शन; यही है हमारी असली जीडीपी और यही है विविधता में एकतारूपी भारत का स्वरूप।’

विश्व धर्म सम्मेलन के समापन समारोह में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार ने शुरू से ही पूरी दुनिया को धर्म का रास्ता दिखाया है और आगे भी दिखाता रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार धर्म की धरती है, स्वामी रामानुजाचार्य के सहस्त्राब्दि जयंती के अवसर पर आयोजित महायज्ञ सभी को प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस मंच से इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संदेश जायेगा वह लोगों के लिए प्रेरणा होगा।

धर्म सम्भव की नगरी आरा यज्ञमय नजर आई। यज्ञ के समापन समारोह में शिरकत करने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। चारों ओर यज्ञ की चर्चा हो रही है। यज्ञ स्थल के चारों ओर लगभग दो किलोमीटर से लेकर 10 किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी जा रही है।