नारी सशक्तिकरण के बिना हमारी स्वतंत्रता और कन्या पूजन दोनों अधूरे-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश।  परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से स्ंासद सचिवालय के संयुक्त सचिव श्री दलसिंह जी और फुटबाॅल फाॅर द नेशन के अध्यक्ष श्री भास्कर प्रकाश जी ने परमार्थ निकेतन आश्रम मंे भेंट वार्ता की। इस विशेष वार्ता में पर्यावरण संरक्षण, निर्मल और अविरल गंगा, महिला सशक्तिकरण, खेल के क्षेत्र में बालिकाओं की भागीदारी, बालिकाओं की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में संसद, सचिवालय के अधिकारियांे की  भागीदारी विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।

पूज्य स्वामी जी महाराज को स्ंासद सचिवालय के संयुक्त सचिव श्री दलसिंह जी और फुटबाॅल फाॅर द नेशन के अध्यक्ष श्री भास्कर प्रकाश जी ने मई माह में संसद भवन प्रांगण दिल्ली, में सम्पन्न महिला सशक्तिकरण हेतु भव्य कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि हेतु आंमत्रित किया। इस कार्यक्रम हेतु स्वामी जी महाराज से हुई विशद मंत्रणा भी हुयी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को स्ंासद सचिवालय के संयुक्त सचिव श्री दलसिंह जी  ने पार्लियामेंट आॅफ इंडिया की विशेष ट्राफी भेंट कर सम्मानित किया इस अवसर पर जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महसचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी उपस्थित थे।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’देश की बेटियों को अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिये उन्हे ऐसा माहौल दिया जाना चाहिये कि वे सामाजिक बंधनों से परे होकर स्वयं अपने निर्णयों की निर्माता बने। परिवार, समाज और देश के उज्जवल भविष्य के लिये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना समाज का दायित्व है। शास्त्रों में भी नारी को सृजन की शक्ति माना गया है। अतः नारी शक्ति को समानता का अधिकार और स्वतंत्रता देना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। इस नवरात्रि पर्व पर हम सभी संकल्प ले की कन्याओं का पूजन तो करे साथ ही उन्हे सृजन का मार्ग भी उपलब्ध कराये। स्वामी जी ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के बिना हमारी स्वतंत्रता और कन्या पूजन दोनों अधूरे है।’
स्वामी जी महाराज ने श्री दलसिंह जी और श्री भास्कर प्रकाश जी  को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया और नवरात्रि के अवसर पर सभी को संकल्प कराया कि बेटियों को बचायेंगे, पढ़ायेंगे और बढ़ायेंगे।