महिलाओं को सामान से नहीं बल्कि उनके सम्मान से प्रसन्न करें-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में आयोजित ऐतिहासिक शक्ति महासम्मेलन  में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने शिरकत की। यह सम्मेलन पद्म विभूषण स्वर्गीय दीदी निर्मला देशपांडे जी की याद में महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन द्वारा महाशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया।  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन द्वारा स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिये विशेष पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
शक्ति महासम्मेलन में हजारों की संख्या में पधारी मातृ शक्तियों को सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’बनेंगे शौचालय तो रहेंगे स्वस्थ’, हम तभी स्वस्थ्य रह सकते है जब हम, हर घर में स्कूल में, सार्वजनिक स्थानों में शौचालय बनवायें तथा भारत को खुले मे शौच मुक्त भारत बनायें तथा साथ ही हम अपने  आस-पास की गंदगी को दूर करेंगे। आज की सबसे बड़ी बंदगी हो गंदगी को दूर करना तभी भारत स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध होगा और इसकी शुरूआत हो गावों से ’इसलिये हम सब ने ठाना है गावों को स्वच्छ बनाना है।’
विन्द्येश्वरी पीठधाम मिर्जापुर जो अपने आप में ऐतिहासिक नगरी है, इस ऐतिहासिक नगर में ऐतिहासिक महिला महाशक्ति महा-सम्मेलन  में जोरदार शब्दों से स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आहृवान किया कि शक्ति के धाम से हर शक्ति को शौचालय निर्माण के लिये आगे आना होगा क्योंकि शौचालय के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को ही होती है। उन्होने कहा कि हमने महलों का तो निर्माण किया लेकिन महिलाओं का सम्मान न कर सकें। महलों का निर्माण तो करे साथ ही महिलाओं का भी सम्मान करें; महिलाओं को केवल सामान से नहीं बल्कि उनके सम्मान से ही हम उन्हे प्रसन्न रख सकते है। उन्हें हम कोई जेवर या गहना न दे सके तो चलेगा पर उनका सबसे बड़ा गहना है उनका सम्मान करना उन्हे प्रेम दें, करूणापूर्ण व्यवहार करें यही सबसे बड़ा गहना होगा। शक्ति ही तो है जो परिवार को संस्कारों से सुसज्जित करती है।
सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं को संकल्प कराते समय स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने जोर देते हुये कहा कि अब समय आ गया है मातृ शक्ति की, शक्ति अब देश के साथ जुट जायें तो कुछ भी असम्भव नहीं हैं। उन्होने कहा कि भारत विश्वगुरू बनेगा तो केवल शक्ति के माध्यम से; भारत विश्व गुरू बनेंगा  तो महिलाओं की भक्ति के माध्यम से और भारत स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध तो बनेगा पर मातृशक्ति के माध्यम से  जिस दिन महिलाओं ने अपनी शक्ति समझ ली और सही दिशा में गति पकड़ ली तो पूरा देश गति पकड़ लेगा; पूरा विश्व गति पकडेगा। अब समय आ गया है शक्तियों

की शक्ति के आहृवान करने का।  शक्ति आगे बढ़ेगी तो देश की भी शक्ति बढ़ेगी और शान्ति की स्थापना तभी सम्भव होगी, क्योंकि महिला शक्ति, शान्ति को जन्म देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है।
स्वामी जी महाराज ने शौचालय का महत्व सामान्य सी भाषा में समझाते हुये कहा कि खुले में शौच करने पर उस शौच पर मक्खियाँ बैठती है और वही मक्खी चाट-पकौडे़ के ठेले पर जाकर बैठती है इसप्रकार वापस वह शौच हमारे अन्दर जाता है तथा उस गंदगी के माध्यम से मक्खियाँ जीवाणुओं को फैलाती है जिससे अनेक प्रकार की  बीमारियों का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि आप आपने को गंदगी का भण्डार न बनायें इसलिये भारत को खुले में शौच से मुक्त भारत बनाने का अभियान आप सब मिलकर पूर्ण कर सकती है। खुले में शौच जाने से नारी शक्ति को ही अन्धेरे का, जानवरों का और अन्य समस्याओं का सामना एवं कई बार शिकर बनना पड़ता है यंहा लगभग दस हजार की संख्या में उपस्थित नारी शक्ति यदि संकल्प ले तो इस अभियान में निश्चित रूप से विलक्षण परिवर्तन होगा।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने स्वर्गीय निर्मला दीदी जो वर्षो तक पूज्य बापू और आचार्य विनोबा भावे जी की शिष्या रही के कार्यो को सराहा और उनकी पूरी टीम को कहा कि इस कार्य को आगे बढ़ाते रहिये क्योंकि हमें भारत के हर गांव तक पहुंचना है यह यात्रा आप से शुरू होती है और आप से ही पूर्ण होगी। उन्होने वेदकाल से लेकर वर्तमान तक की महिलाओं के द्वारा किये अद्म्य साहसिक योगदान की चर्चा करते हुये सम्मेलन में उपस्थित सभी महिलाओं के योगदान की सराहना व प्रशंसा की।
जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि ’स्वच्छता के संस्कारों से सुसज्जित नारी ही स्वच्छ एव समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकती है अतः हम सबको स्वच्छता रूपी गहने को धारण करना होगा और स्वच्छता के आचरण को अंगीकार करना होगा तभी स्वच्छ राष्ट्र का निर्माण सम्भव है।’
केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल जी ने कहा कि ’माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं के लिये अनेक योजनायें दी है उन्होने कहा कि यह तो एक शुरूआत है यह यात्रा अभी बहुत आगे जायेंगीं। उन्होंने शौचालय के प्रयोग पर भी अत्यधिक ब

ल दिया। साथ ही उन्होने स्वस्थ रहने के अनेक नुस्खों पर भी चर्चा की।
गंगा एक्शन परिवार एवं ग्लोबल इण्टर वाश एलांयस की टीम के द्वारा यहां पर स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिये पपेट शे, स्वच्छता संदेश, स्लोगन, डाक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने स्वच्छता संकल्प कराया जिसे भारी संख्या में वहां उपस्थित मातृ शक्ति ने हाथ खड़े कर दोहराया।
इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न प्रंातो से आये अतिथि, अधिकारी, आस-पास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में उपस्थित नारी शक्ति, ऋषिकेश से सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी एवं अन्य उपस्थित थे। मेयर श्री मनोज जायसवाल, कार्यक्रम संयोजक श्री विभूति नारायण मि़श्रा और श्रीमती नन्दिनी मिश्रा, कर्मठ एवं ईमानदार जिलाधिकारी श्री विमल कुमार दूबे एवं दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो रचना विमल जी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।