क्या महिलाओं की आवाज उठाने पर मारपीट करेंगे देश के मौलाना ?

नई दिल्ली/ रवि शर्मा। मुस्लिम महिलाओं की हक से मौलाना नफरत क्यों करते हैं? क्यों महिलाओं की हक की बात करने पर मौलाना आपा खो देते हैं? एक निजी चैनल के LIVE शो में मौलाना अरशद कासमी ने सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील से मारपीट की। टीवी शो के दौरान महिला वकील को मौलाना कासमी ने अपशब्द कहे। अब सवाल ये उठता है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अब तक चुप्पी क्यों साध रखी है? क्यों नहीं मौलाना कासमी को बोर्ड से बाहर निकाला गया है?
क्या अपने हक की बात करना गुनाह है ? क्या महिलाओं की आवाज उठाना अपराध है? क्या महिलाओं की आवाज उठाने पर मौलाना गालियां देंगे? क्या विरोध करने पर मौलाना महिलाओं से मारपीट करेंगे?

ये वो सवाल हैं जिसका जवाब पूरा हिन्दुस्तान पूछ रहा है। देश की आम आवाम पूछ रही है। देश का सोशल मीडिया पूछ रहा है। देश के नामी अखबार पूछ रहे हैं। राजनीतिक दल पूछ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पूछ रहे हैं। सवाल ये कि आखिर महिलाओं की आवाज को क्यों दबाना चाहते हैं मौलाना? तीन तलाक और हलाला के विरोध पर इतना क्यों बौखला जाते हैं मौलाना? देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल ज़ी हिंदुस्तान के लाइव डिबेट शो “बताना तो पड़ेगा” में मौलाना ने जिस तरह सुप्रीम कोर्ट की वकील और ट्रिपल तलाक की मुख्य याचिकाकर्ता फराह फैज पर हमला किया उसकी हर तरफ आलोचना हो रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने महिला वकील फराह फैज के साथ मारपीट की घटना को निंदनीय और बेहद दुखद बताया।
मौलाना कासमी की हरकत का कांग्रेस ने भी निंदा की है। कांग्रेस सांसद हुसैन दलवाई ने मांग की है कि मौलाना कासिम को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर कर देना चाहिए।
राजनीतिक पार्टियों के अलावा सामाजिक सगंठन और ज्यादातर आम लोग घटना की निंदा कर रहे हैं। चौतरफा मौलाना अरशद कासमी की आलोचना हो रही है लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चुप्पी साधे हुए है। ना तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से माफी मांगी गई है और ना ही मौलाना कासमी को बोर्ड से बर्खास्त किया गया है।
ऐसे में सवाल ये है कि मौलाना कासमी को क्या बचा रहा है ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड? ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने क्यों मांफी नहीं मांगी? क्यों नहीं मौलाना कासमी को बोर्ड से बाहर निकाला गया?

(फोटो साभार जी हिंदुस्तान)