विश्व शांति की स्थापना में जैन धर्म व भारतीय संस्कृति का विशिष्ठ महत्त्व – आचार्य डॉ. लोकेश मुनि

लंदन/ अर्चना सक्सेना। लंदन पार्लियामेंट में ‘एम्बेसडर ऑफ़ पीस’ पुरूस्कार से सम्मानित होने के पश्चात अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक प्रख्यात जैनाचार्य डा. लोकेश मुनि के स्वागत में लंदन स्थित महावीर फाउनडेशन द्वारा केंटन स्थित जैन मंदिर, इंटरनेशनल सिद्धाश्रम सेंटर, अनुपम मिशन स्वामीनारायण मंदिर व कोलिन्डल एवन्यु स्थित जैन सेन्टर में भव्य अभिनन्दन समारोह आयोजित किये गया| जिसमें जैन समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों के अतिरिक्त ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया|

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि ने कहा कि लंदन पार्लियामेंट में सम्मान मेरा नहीं भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिक मूल्यों का सम्मान है| यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भारत देश में जन्म लेने का अवसर मिला| अनेकता में एकता वहां ही मौलिक विशेषता है, सर्वधर्म सद्भाव उसका मूल मंत्र है| साथ ही जैन धर्म मुझे विरासत में मिला| भगवान महावीर का अहिंसा, शांति व सद्भावना का दर्शन को समझने व जीने का अवसर मिला| उन्होंने कहा कि मैंने विश्व शांति सद्भावना के लिए जो भी प्रयत्न किये है उसमे भारतीय संस्कृति व भगवान महावीर के दर्शन का महत्वपूर्ण योगदान है|

महावीर फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री विनोद कापसी व श्री नेमुभई चानेरिया ने आचार्यश्री का स्वागत करते हुए कहा कि लंदन पार्लियामेंट में प्रख्यात जैनाचार्य डा. लोकेश मुनि को एम्बेसडर ऑफ़ पीस से सम्मानित किये जाने से न केवल जैन समाज बल्कि UK. में रह रहे  हम सभी भारतीय गौरान्वित हुए है | कोलिन्डल एवन्यु स्थित जैन सेन्टर लंदन मे चेयरमेन श्री नटुभाई शाह व ट्रस्टी गणों ने भी स्वागत किया|

इंटरनेशनल सिद्धाश्रम सेंटर के संस्थापक श्री राजराजेश्वर जी ने स्वागत करते हुए कहा कि आचार्य लोकेश मुनि ने सम्पूर्ण विश्व में भगवान महावीर का अहिंसा, शांति व सद्भावना का सन्देश तथा भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिक मूल्यों को फ़ैलाने का जो भागीरथ प्रयत्न किया है वह बहुत ही उल्लेखनीय है| अनुपम मिशन स्वामीनारायण मंदिर में  आचार्य लोकेश मुनि जी का लंदन में रह रहे भारतीयों की ओर से सम्मान किया।