हिंसा व आतंकवाद मानवता के दुश्मन है – आचार्य लोकेश

सिंगापुर। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि ने दक्षिण एशिया में शांति व सद्भावना यात्रा के दौरान सिंगापुर में पकिस्तान  दूतावास में शांति व सद्भावना सन्देश दिया| इस अवसर पर सिंगापुर में पाकिस्तान के राजदूत  श्री नसरुल्लाह खान ने आचार्य लोकेश मुनि का स्वागत सम्मान किया| उन्होंने कहा कि आचार्य लोकेश शांति व सद्भावना के दूत है और आज पुरे विश्व को इसकी जरुरत है तथा वो पूरी दुनिया में शांति व सद्भावना का सन्देश प्रसारित कर रहे है|

आचार्य लोकेश ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों राष्ट्रों की आत्मायें अविभाज्य हैं| दोनों देशों के बीच कितने कटीलें तार बिछा दिए जाये दोनों देशों में संस्कृति, व्यापारिक, खेलों, कला आदि कितने ही क्षेत्रों में आदान प्रदान सदैव रहता है। आज सिंगापुर की धरती पर मुझे एक भारतीय को पाकिस्तान दूतावास में शांति सन्देश देने का अवसर मिला यह दक्षिण एशिया एकता का प्रतीक है|  भारत और पाकिस्तान के बीच निरंतर प्रतिद्वंद्विता का परिणाम दोनों देशों में जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है। जब लोग भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंछित है ऐसे में बंदूकों और टैंकों पर खर्च करना निश्चित रूप से अमानवीय है। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं, हिंसा प्रतिहिंसा को जन्म देती है| संवाद के द्वारा वार्ता के द्वारा हर समस्या का समाधान संभव है|

आचार्य लोकेश ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति लाने का तरीका के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना जरुरी है, ताकि वे महसूस कर सकें कि हमारे सम्बन्ध अभी भी गहरे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए आवश्यक है कि दोनों देशों के बीच शांति और सद्भावना स्थापित हो। इसके लिए विभिन्न धर्मगुरु, समाजसेवी, राजनयिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है| उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत व पाकिस्तान को मिलकर हिंसा, आतंकवाद, गरीबी व आभाव के विरुद्ध लड़ना चाहिए|

आचार्य लोकेश ने कहा की भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है| भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर युवाओं को एक नई दिशा दिखा सकते है| भारत का नेतृत्व बेहद मजबूत है पाकिस्तान में भी नया नेतृत्व उभर कर आया है| उन्होंने आशा व्यक्त की कि नए नेतृत्व के कार्यकाल में आपसी शांतिपूर्ण संबंधों को मजबूती मिलेगी|

इस अवसर एवं श्री भरत मकानी ट्रस्टी श्रीमद रामचंद्र मिशन ने आचार्य लोकेश मुनि जी का एवं अहिंसा विश्व भारती का परिचय प्रस्तुत किया, श्री पराग भाई शाह अध्यक्ष जैन रेलिजिअस सोसायटी के बारे में बताते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया|