जानिए क्या है ‘वट सावित्री व्रत’ और इस साल किस तिथि को मनाई जाएगी

नई दिल्‍ली। वट सावित्री व्रत हिन्‍दू सनातन धर्म को मानने वाली महिलाओं के लिए बेहद अहम है। मान्‍यता के मुताबिक इस व्रत को रखने से पति पर आए संकट चले जाते हैं और आयु लंबी हो जाती है। यही नहीं अगर दांपत्‍य जीवन में कोई परेशानी चल रही हो तो वह भी इस व्रत के प्रताप से दूर हो जाते हैं। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए इस दिन वट यानी कि बरगद के पेड़ के नीचे पूजा-अर्चना करती हैं. इस दिन सावित्री और सत्‍यवान की कथा सुनने का विधान है। किंवदंति हैकि इस कथा को सुनने से सभी मनोकामना पूरी होती है। पौराणिक कथा के अनुसार सावित्री मृत्‍यु के देवता यमराज से अपने पति सत्‍यवान के प्राण वापस ले आई थी।

कब है वट सावित्री व्रत

‘स्कंद’ और ‘भविष्योत्तर’ पुराण’ के के मुताबिक वट सावित्री व्रत हिन्‍दू कैलेंडर की ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि पर करने का विधान है। वहीं, ‘निर्णयामृत’ इत्यादि ग्रंथों के मुताबिक वट सावित्री व्रत पूजा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अमावस्या पर की जाती है। उत्तर भारत में यह व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को ही किया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह व्रत हर साल मई या जून महीने में आता है। इस बार वट सावित्री का व्रत 3 जून को है।

वट सावित्री व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त

अमावस्‍या तिथि प्रारंभ: 02 जून 2019 को शाम 04 बजकर 39 मिनट से

अमावस्‍या तिथि समाप्‍त: 03 जून 2019 को दोपहर 03 बजकर 31 मिनट तक