कुम्भ 2019 के तीसरे और अंतिम शाही स्नान पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

प्रयागराज/ देवेश दुबे। बसंत पंचमी के महास्नान में करीब 1.50 करोड से अधिक श्रद्वालुओं स्नान किया। सभी अखाडों ने प्रशासन की देखरेख में शाही स्नान कर कुम्भ 2019 को अभूतपूर्व ऐतिहासिक बना दिया। धर्म और अध्यात्म की इस दिव्य, भव्य, सुन्दर और स्वच्छ कुम्भ नगरी में आज जहॉ श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा, वहीं 13 अखाड़ों के साधु-संतों ने संगम पर भव्य आकर्षक और गाजे बाजों के साथ हर-हर महादेव के नारे के साथ तीसरा शाही स्नान किया।

सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी/श्री पंचायती अटल अखाड़ा ने सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर स्नान किये। उसके बाद पंचायती निरंजनी अखाड़ा, तपोनिधि श्री पंचायती आनन्द अखाडा ने सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर संगम में डुबकी लगाई। फिर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा/श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा/श्री शम्भू पंच अग्नि अखाड़ा ने सुबह 8 बजे संगम घाट पर स्नान किया। उसके बाद अखिल भारतीय श्री पंचनिर्मोही अनी अखाड़ा ने पूर्वान्ह 10 बजकर 40 मिनट पर, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा ने 11 बजकर 20 मिनट पर, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ने 12 बजकर 20 मिनट पर, श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन ने दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर और श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल ने 3 बजकर 40 मिनट पर आस्था की डुबकी लगाई।

इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के खासा इंतजाम किए थे। साथ ही घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किया गया था। संगम नोज सहित सभी घाटों स्नानार्थियों की काफी भीड रही। भीड को कंट्रोल करने के लिए बनाये गये टावरों से लगातार निगरानी और लाउडस्पीकर, लाउडहेलर के जरिए जरुरी दिशा निर्देश दिए जा रहे थे। हेलीकाप्टर द्वारा पूरे मेले की निगरानी के साथ-साथ शाही स्नान के लिये जाते हुये साधु-संतों पर पुष्पवर्षा भी की गयी। मेले की व्यवस्था को देखकर राज्य समेत देश के कोने-कोने से आये श्रद्वालुओं ने बताया कि ऐसी दिव्य, भव्य, स्वच्छ और सुन्दर कुम्भ उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। इस कुम्भ में उत्तर प्रदेश सरकार ने बडी ही अच्छी औैर सुव्यवस्थित व्यवस्था की है, इसके लिये वे बधाई के पात्र हैं। गौरतलब है कि बसंत पंचमी का यह शाही स्नान शांति और सुगमता के साथ सम्पन्न होकर कुम्भ 2019 के दिव्य और भव्य स्वरूप में एक नया अध्याय जुड गया।