आओ.. जीवन को यज्ञ बनायें, विश्व शान्ति यज्ञ में अपने जीवन की आहूति समर्पित करें – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

प्रयागराज/ सदाकत हुसैैैन। परमार्थ निकेतन शिविर में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विश्व शान्ति यज्ञ में प्रथम आहूतियां समर्पित कर यज्ञ का उद्घाटन किया था आज परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती एवं देश विदेश से आये श्रद्धालुओं ने आहूतियां देते हुये विश्व शान्ति के लिये अपना जीवन समर्पित करने का संकल्प किया।
परमार्थ निकेतन शिविर प्रयागराज में आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ टाॅयलेट कैफेटेरिया, शक्ति कुम्भ शिखर सम्मेलन, सामाजिक, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, मासिक धर्म स्वच्छता प्रशिक्षण, बाल कल्याण, दिव्यांग सशक्तिकरण, योग महाकुम्भ, कीवा कुम्भ महोत्सव (वैश्विक आदिवासी एवं जनजाति महोत्सव) नेत्र चिकित्सा शिविर जैसे अनेक आयोजन है मुख्य आकर्षण केन्द्र है। 
कुम्भ में आये श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिये परमार्थ निकेतन द्वारा पपेट शो, स्वच्छता रैली और प्रतिदिन सुबह स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। पपेट शो के माध्यम से कुम्भ परिसर के विभिन्न स्थानों यथा सेल्फी प्वाइंट, संगम नोज, वीआईपी घाट, हनुमान मन्दिर, चैदह सेक्टर, अरैल आरती घाट एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाकर पपेट शो के माध्यम से स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। 

परमार्थ निकेतन शिविर में पीलो-पानी, हैंडवाशिंग स्टेशन, स्वच्छता प्रशिक्षण प्रोग्राम एवं शार्ट फिल्मों के माध्यम से प्रतिदिन जागरूकता के संदेश प्रसारित किये जा रहे है।
विश्व स्तर पर स्वच्छता, शौचालय का  प्रयोग एवं शौचालय स्वच्छता के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिये कुम्भ परिसर में टाॅयलेट कैफेटेरिया बनाया गया है। जिसमें टाॅयलेट कमोड के आकार की कुर्सियां बनायी गयी है जिस पर बैठकर श्रद्धालु चाय और काॅफी का आनन्द ले सकते है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता का यह अनूठा प्रयास है। टाॅयलेट कैफेटेरिया के अन्दर स्वच्छता संदेश भी लिखे गये हैं, यह एक यूनीक कोशिश है, जिसके माध्यम से हम लोगों के दिलों में स्वच्छता को स्थापित कर सकते है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’यज्ञ में आहूति देना सनातन संस्कृति है, लेकिन स्वयं की आहूति समाज के लिये देना उससे भी बड़ा यज्ञ है। जब हम अपने लिये जीते हैं तो वह जीना यज्ञ नहीं है परन्तु जब हम समाज के लिये जीते है तो हमारा जीवन ही यज्ञ बन जाता है। उन्होने कहा कि हमें इस समय कुम्भ मेले में पूज्य ंसंतों और महापुरूषों के दर्शन हो रहे है जिनका तो जीवन ही यज्ञ है, उनके जीवन से  प्रेरणा लेकर आईये हम अपने हर कार्य को सेवा बनाये और जीवन को महायज्ञ बनायें।’’
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं विभिन्न देशों से आये श्रद्धालुओं ने टाॅयलेट कैफेटेरिया में जलपान ग्रहण कर टाॅयलेट कैफेटेरिया का शुभारम्भ किया। अब श्रद्धालु संगम के तट पर टाॅयलेट कैफेटेरिया में बैठकर चाय व काॅफी का आनन्द ले सकते है।