पश्चिम बंगाल के स्नातकोत्तर छात्रों को स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने 4 टी प्रोग्राम ‘टाइम, टैलेंट, टेक्नोलॉजी और टिनैसिटी’ का दिया संदेश

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। परमार्थ निकेतन में पश्चिम बंगाल के स्नातकोत्तर छात्रों एवं शिक्षकों का दल पहुंचा। छात्रों ने परमार्थ निकेतन में राष्ट्रीय नदी गंगा, वन्य जीव एवं प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का प्रशिक्षण लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस और वाइल्ड लाइफ इन्स्टीट्यूट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया।

पश्चिम बंगाल से आये छात्रों एवं शिक्षकों के दल ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद ग्रहण किया। स्वामी जी महाराज ने सभी को माँ गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण एवं समाधान के विषय में विस्तृत चर्चा की। प्रदूषण के कारण गंगा नदी और उससे जुड़े वन्य जीवन एवं प्राकृतिक संपदा पर पड़ने वाले प्रभावों के विषय में भी छात्रों को जानकारी दी गयी।

जीवा के विशेषज्ञों ने गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन द्वारा जल, स्वच्छता एवं सफाई के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों के विषय में जानकारी दी साथ ही छात्रों को स्वच्छता के मुद्दों के विषय में जागरूक कराया । इस कार्यक्रम में रिवर माॅनिटरिंग पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया जिसमें नदी निगरानी, जल जीवन एवं अविरल जल धारा आदि विषयों पर चर्चा की गयी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने जल के संरक्षण के साथ जल के पुनर्चक्रण पर ध्यान देने की बात कहीं, उन्होने कहा कि सभी को एक जुट होकर जल संरक्षण के लिये कार्य करना होगा तभी हम भावी पीढ़ियों के लिये जल बचा सकते है। स्वामी जी ने छात्रों से जल संरक्षण का आह्वान करते हुये कहा कि हमारे देश में अपशिष्ट जल का केवल 2Û2 प्रतिशत पुनर्नवीनीकरण किया जा रहा है इसलिये हमंे जल के पुनर्चक्रण एवं पुनर्नवीनीकरण के लिये क्रान्ति की तरह कार्य करना होगा । स्वामी जी ने छात्रों को 4 टी प्रोग्राम ’’टाइम, टैलेंट, टेक्नोलॉजी तथा टिनैसिटी के विषय में जानकारी देते हुये इस ओर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

पश्चिम बंगाल से आये छात्रों एवं शिक्षकों के दल ने परमार्थ तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया। गंगा तट पर स्वामी जी महाराज ने शिक्षकों को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

कार्यक्रम के पश्चात स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में पश्चिम बंगाल से आये छात्रों एवं शिक्षकों के दल ने वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी जी ने सभी को पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संकल्प कराया।

दल के सदस्यों के आज के सत्र की सराहना करते हुये इसे व्यवहारिक जीवन के लिये अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होने स्वामी जी के सान्निध्य में सम्पन्न की माँ गंगा की दिव्य आरती को आध्यात्मिकता से पूर्ण एंव अविस्मर्णीय बताया।