आतंकवाद का पर्याय भारत में….अगर अभी नहीं संभले तो कहीं देर ना हो जाए।

जयपुर। मुस्लिम संगठन ‘नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट’ केरल में 1993 में स्थापित हुआ जिसका उदेश्य केरल में मुस्लिम उग्रवादी संघठन बनाना था परन्तु उनको पता था की केवल मुस्लिम समुदाय देश में आतंक नही मचा सकते तो 2006 में पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की स्थापना की गई जिसका उदेश्य अल्पसंख्यक और दलित को साथ लेकर भारत में आतंक के साथ इस्लामिक देश बनाना है।

PFI_के_प्रमुख पी. कोया ने अपनी मैगजीन ‘thejas’ में अन्य जातियों को मुस्लिम बनाने का कार्यक्रम निर्धारित किया जिसको इस्लाम में DAWA/ DAWAH नाम से जाना जाता है, जिसमे आज के ‘लव जिहाद’ की रुपरेखा और अन्य देशो के मुस्लिम उग्रवादी संगठनो से हाथ मिलाना था।

#PFI को सिमी, ISIS, पाकिस्तान के आतंकी सभी संगठनो का समर्थन प्राप्त है। पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का नारा है ‘नया कारवां, नया हिंदुस्तान’ का सीधा अर्थ है की इस्लामिक हिंदुस्तान।

#IBN7 की रिपोर्ट के अनुसार यह संगठन क्रूड बम्ब, आईईईडी बनाने की ट्रेनिंग दी गई है। आज़ादी के बाद से केरल में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट’ ने देश के समानांतर एक मुस्लिम सेना भी तैयार कर ली है जिसमे हथियार, बम्ब, रोकेट लांचर, तोड़ फोड़, की पूरी ट्रेनिंग दी जाति है जिसका प्रदर्शन यह कई बार दिखा भी चुके है।

#अब चूँकि यह अकेले मुस्लिम पर्याप्त नही थे तो 2006 में पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का गठन किया गया जिसका कार्य दलित, भीम, बामसेफ, मूलनिवासी आदि को सम्लित किया जो हिन्दू के सख्त विरुद्ध है। अब मुस्लिम संगठन भारत तोड़ो के सभी वर्गों को पैसे के बल पर और वर्गला कर अपना संगठन मजबूत कर रहे है। विडिओ जारी कर सरेआम उसमे कह रहे है की हिन्दुत्ववादी ताकतों को ख़त्म करने का समय आ गया है।

#पैठ यंहा तक है की सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और सैयद शहाबुद्दीन 2011 की मीटिंग में मुख्य वक्ता भी रह चुके है। हमारे देश के उपराष्ट्रपति हमीद अंसारी भी 2017 में मुख्य अतिथि के रूप में जा चुके है।

#पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया देश के सभी राज्यों से खास सम्बेदनशील विषयों (Braking India) को उठाकर जन समर्थन लेने का प्रयास कर रहा है इस षड्यंत्र के लिए विदेशो से बहुत पैसे आ रहे है कई सूत्रों से पता चला है की नक्सलियों से, खालिस्तान समर्थको से करीबी सम्बन्ध बन रहे है, प्रशन है की मुलायम सिंह, पूर्व उप प्रधानमंत्री जैसे लोगो का क्या गठजोड़ है?

#पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की गतिबिधिया अभी तक दक्षिण भारत तक सिमित थी लेकिन पिछले कुछ समय से इनकी गतिविधियाँ पूरे देश में बेंगलोर, कोटा (राजस्थान), बिहार, बंगाल में बड़ी तेजी से फ़ैल रही है, अभी दिल्ली में मुख्यालय बनाया है।

#जयपुर_में_2016 में निकली रैली में एक लाख लोगो का जमाबडा लगना भयानक है। राजस्थान एक शांत प्रदेश की श्रेणी में गिना जाता है और जयपुर जैसे शहर में भारत तोड़ो के द्वारा एक लाख लोगो का भाग लेना भयभीत करने बाला है। अंदरूनी पैठ कितनी बड़ी है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जयपुर में #स्वामी_सत्यानन्द_जी_महाराज ने भड़काऊ भाषण दिया, सत्यानन्द जो विशव हिन्दू सत्यशोधक समिति के संस्थापक है, अब क्या यह बिना धन के लालच के आये होंगे? कहते है की यदि मुसलमान का राज्य भी आ जायेगा तो क्या धोबी, धनुक, दलित का क्या जायेगा? मुस्लमान के कारण ही दलित बचा हुआ है अन्यथा हिन्दू दलितों को जिन्दा नही रहने देते?

#बेंगलोरे में २७५ किलोमीटर दूर शिमोगा में आरएसएस के स्वम सेवको पर हमला किया जिसमे विश्नाथन, आर रुद्रेश को मार डाला और अन्य दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गये। इसी हमले में आरएसएस के विरुद्ध नारे लगाते हुए 15 दुकानों को आग के हवाले कर दिया।
जाकिर नायक के मामले में बिहार में पटना साइंस कालेज के पास पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये टीवी पर दिखाए जाने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया।

#कन्नूर में बम्ब, तलवारे और अन्य हथियार के साथ 2013 में गिरफ्तार किया। यह तो दिखाई दे गया जो नही मिला उनकी कल्पना करना बड़ी बात नही है। NIA ने बहुत सबूत इकट्ठे किये है जिनसे साबित होता है की यह संस्था उग्रवादियों के समर्थन और कार्यविधि की समर्थक है।

1977 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जमात ए इस्लामी हिन्द के छात्र संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूमेंट ऑफ़ इंडिया (SIMI) का गठन हुआ, जिसका घोष वाक्य था “अल्लाह हमारा मालिक है, कुरान हमारा संविधान है, मुहम्मद हमारा नेता है, जिहाद हमारा रास्ता है और शहादत हमारी इच्छा है” और ये ही इस्लाम के भी पांच स्तंभ होने के रूप में माने जाते है। पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का SIMI से सम्बन्ध है जिसको NIA भी मानता है।

#केरल में पी एफ आई के सबसे घृणित अपराधों में से एक है प्रो. टी.जे. जोसेफ का हाथ काटा जाना| कहा गया कि उन्होंने कॉलेज छात्रों के लिए एक विवादास्पद प्रश्न पत्र बनाया, जिससे कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान हुआ।

#केरल में सीपीएम का गढ़ कहे जाने वाले कन्नूर के कनाकमाला में एनआईए द्वारा मारे गए छापे में पीएफआई के खिलाफ गंभीर सबूत मिले, वहां से आठ लोग पकड़े गए, जिन पर आईएस के साथ संबंध के साथ संदिग्धों ने खुलासा किया है कि वे लोग केरल हाई कोर्ट के दो न्यायाधीशों को मारने और कोच्चि में ‘जमात-ए-इस्लामी’ की एक बैठक आयोजित करने में संलिप्त रहे हैं ।

#एनआईए ने बताया है कि आरोपी सुबहानी हाजी मोईदीन, 2015 में इराक गया था तथा सैन्य प्रशिक्षण लेकर आईएस में शामिल हो गया था। केरल में आरएसएस और कांग्रेस के कार्यकताओ की हत्या में PFI शामिल है यह सभी मानते है पर कांग्रेस को कार्यकर्ताओ की चिंता नही है अभी भी कांग्रेस के नेता इनकी रैलियों में शामिल हो रहे है।

#केरल में लव जिहाद में हिन्दू लडकियों की शादी मुस्लिम लडको से करबाने का षड्यंत्र PFI द्वारा ही किया जा रहा है। जिसमे करोडो रूपये देश के बाहर से आना बताया गया है। इस संस्था के टेप रिकोर्ड से पता चला की केरल में ही 10 सालो में दस हज़ार से अधिक हिन्दू लडकियों को बहला फुसला कर धर्म परिवर्तन किया गया जो अब देश के अन्य भागो में ओल जिहाद की संख्या में बहुत तेजी आने बाली है।

#पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का सीधा निशाना आरएसएस और हिंदूवादी संगठन है। आरएसएस के विरुद्ध अनर्गल बाते फ़ैलाने का काम यह करते रहते है जिससे हिन्दू आरएसएस से कम से कम जुड़े और आश्चर्य की बात है की हिन्दू इनके बहकावे में आ भी जाता है।

#हिंदूवादी संगठन और हिन्दू विचारधारा सदैव आर्थिक स्थिति से जूझता रहता है, संगठन बिना पैसे नही चलता है और हिन्दू मंदिर में तो पैसे दे देता है पर किसी संगठन को आर्थिक सहयोग नही करता है। कई अच्छे हिन्दू /सनातन संगठन धन अभाव में दम तोड़ देते है। कभी लगता है हिन्दू /सनातन में भी जकात जैसा कुछ होना चाहिए था।

#केवल PFI, SIMI ही नही है जो देश तो छिन्न भिन्न करने में अपनी पूरी शक्ति लगा रहे है AIMIM भी इन्ही संगठनो को पूरा समर्थन देता रहा है और ना जाने कितने संघठन के नाम तो अभी बाहर नही आ पाए है।

पुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का झंडा में हरा रंग मुस्लिम, लाल रंग बामपंथियो का और चाँद इस्लाम को दर्शाता है। चित्र देखे केरल में गजवा ये हिन्द का द्रश्य दर्शाते हुए। कुरान में लिखा है की ‘गजवा ये हिन्द’ में मोहम्मद की सेना भारत के राजा को जंजीरों में बांध कर घसीटते हुए लायेगे…. देखे चित्र मोदी को दिखाते हुए।

डॉ विजय मिश्र के फेसबुक वॉल से साभार