भारतीय संस्कृति बन सकती है विश्व एकता का आधार – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली/ देव गुर्जर। अहिंसा विश्व भारती, इंटरनॅशनल सिद्धाश्रम शक्ति पीठ, दिल्ली स्टडी ग्रुप के संयुक्त प्रयासों से  विश्व शांति व सद्भावना की स्थापना के उद्देश्य से ‘वासुदेव कुटुम्बकम’ ‘विश्व एक परिवार’ कार्यक्रम  का आयोजन दिल्ली के रफ़ी मार्ग स्थित  कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में 13 फरवरी को सांय 4 बजे  होगा | अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक एवं प्रख्यात जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि एवं इंटरनॅशनल सिद्धाश्रम शक्ति पीठ के संस्थापक श्री राजराजेश्वर गुरु जी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में भारत के केन्द्रीय मंत्री श्री विजय गोयल, केन्द्रीय मंत्री श्री पी.पी. चौधरी, ब्रिटेन से पधारे पूर्वी लन्दन से सांसद एवं आल पार्टी पार्लियामेंटरी ग्रुप के चेयरमैन श्री बॉब ब्लैकमैन, क्वीन के प्रतिनिधि एवं  हैरो लन्दन के पुलिस कमांडेंट श्री साइमन ओवेन्स, ब्रेंट लन्दन के पूर्व मेयर काउंसलर भगवान जी चौहान हैरो के पूर्व मेयर अजय मारू एवं विभिन्न धर्मों के संत भाग लेंगे |

आचार्य लोकेश ने ‘वासुदेव कुटुम्बकम’ कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सारा विश्व एक परिवार है, हम सब एक ही परम ब्रह्मांड की उत्पत्ति है परन्तु अफ़सोस है कि हमने अपने आप को क्षेत्र, भाषा, धर्म, संप्रदाय, रंग के भेद की सीमाओं में बांध कर आपसी प्रेम और भाईचारे को दरकिनारे कर दिया है | इस मंच से क्षेत्र, धर्म, रंग के भेद को भुला कर वैश्विक एकता का सन्देश देने का प्रयास कर रहे है |

आचार्य लोकेश ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता ने कितने ही परिवर्तनों को स्वीकार किया परन्तु परिवार संस्था के अस्तित्व को आंच नहीं आई | इसी सभ्यता को हम विश्व के कोने कोने में ले जाकर विश्व कल्याण और विश्व शांति का आधार बनाना चाहते है |