जीवा, गंगा एक्शन परिवार, आर बी और संकल्प तरू फाउण्डेशन के बीच हुआ करार

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। उत्तराखण्ड राज्य में दो लाख पौधारोपण के लिए जीवा, गंगा एक्शन परिवार, आर बी एवं संकल्प तरू फाउण्डेशन के बीच करार हुआ। इस वृक्षारोपण अभियान में परमार्थ निकेतन की अहम भूमिका होगी। संकल्प तरू फाउण्डेशन ने भी उत्तराखण्ड और देश के कई भागों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में काफी कार्य किया है और इस संस्था के पास वृक्षारोपण का लम्बा अनुभव है जिसका फायदा इस अभियान को मिलेगा।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में सभी संस्थाओं ने हिमालय की हरियाली को और बढ़ाने के लिये इन हिमालय पुत्रों ने मानसून में दो लाख पौधा रोपण की घोषणा की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर हिमालय वासियों से आहृवान करते हुये कहा कि हरियाली से हिमालय की रक्षा तथा हिमालय को सर्वाधिक ऑक्सीजन दाता के रूप स्थापित करने हेतु इस अभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लें और अपने अपने क्षेत्र को हरियाली से भर दे इससे आने वाला भविष्य पर्यावरण के लिये हिमालय के लिये पूरे विश्व के लिये और आने वाले बच्चों के लिये आनन्ददायी एवं स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है। साथ ही फलदार पौधों का रोपण करने से कुपोषण की समस्या से भी निजात पा सकते है।

बतादें कि बढ़ते बच्चों को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है शरीर को स्वस्थ रखने के लिये विभिन्न विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन्स, कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर बेहद जरूरी है। इसके अभाव से एनीमिया, अल्झाइमर एवं कर्करोग जैसी अनेक बीमारीयों का खतरा बना रहता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट में बताया गया कि प्रतिवर्ष भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के दस लाख से भी अधिक बच्चे कुपोषण के कारण मौत के मुंह में चले जाते है और हाल ही में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने जारी आंकडों के आधार पर भारत में प्रतिदिन 3000 बच्चे कुपोषण के कारण मरते है, पांच वर्ष से कम उम्र के लगभग 4 करोड़ 40 लाख बच्चों का विकास कुपोषण के कारण अवरूद्ध हो जाता है।

परमार्थ निकेतन ने ’मिड डे फ्रुट प्रोग्राम’ की शुरूआत की है जिसके अन्तर्गत स्कूलों में ’जितने बच्चे उतने पेड’ प्रोग्राम चलाया जा रहा है। ’मेरा स्कूल मेरा पेड़’ की भावना के साथ बच्चे पौधों का रोपण और पोषण करेंगे जिससे हरियाली बढ़ेगी, और बच्चे प्रकृति के सानिध्य में पोषित भी होगें। उन्होने कहा कि अगर इस प्रोग्राम को भारत के सभी राज्यों के स्कूलों में लागू किया जाये तो काफी हद तक कुपोषण की समस्या में सुधार लाया जा सकता है।

स्वामी चिदानंद ने जीवा, गंगा एक्शन परिवार, आर बी एवं संकल्प फाउण्डेशन के साथ अन्य संस्थाओं से भी आहृवान किया की मिड डे फ्रुट एवं जितने बच्चे उतने पेड़’ में सहयोग के लिए आगे आयें।