स्वामी रविंद्र ने और गौ सेवा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान गौ संरक्षण व गौ संवर्धन पर हुई चर्चा

लखनऊ/ बुशरा असलम। उ.प्र.गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजीव गुप्ता और मुज़फ़्फ़रनगर के वरिष्ठ समाजसेवी, गौ सेवक एवं गायत्री साधक श्री स्वामी रवीन्द्र प्रताप ने राज्य में गौ सँवर्धन व गौ संरक्षण के मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। उनकी यह भेंट राजधानी लखनऊ के इन्दिरा भवन स्थित आयोग कार्यालय में हुई। चर्चा के दौरान विश्व जागृति मिशन नयी दिल्ली के निदेशक श्री राम महेश मिश्र विशेष रूप से मौजूद रहे।

स्वामी रवीन्द्र प्रताप ने गौ सेवा आयोग चेयरमैन को शुष्क (ग़ैर-दुधारू) गायों के गोबर के फ़ाईवर से प्रदेश में गत्ता उद्योग का विकास करने तथा गोबर की स्लरी से बायोगैस, खाद एवं विद्युत उत्पादन किए जाने सम्बन्धी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से गोपालन में आत्मनिर्भरता आएगी और गोपालकों को शुद्ध आर्थिक लाभ की प्राप्ति भी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि गोबर की खाद से प्राकृतिक खेती करने पर भूजल के गिरते स्तर को ऊँचा उठाने में मदद मिलेगी। साथ ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता रखने वाला अन्न उत्पादित किया जा सकेगा। ऐसा करने से असली अर्थों में गोसंरक्षण सम्भव हो सकेगा तथा गोशालायें लोकोपयोगी बन सकेंगी।

श्री राम महेश मिश्र ने बताया कि श्री राजीव गुप्ता उत्तराखंड काडर के IAS अधिकारी रहे हैं, उसके पूर्व वे यूपी काडर में तैनात थे। वह उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड में अनेक वरिष्ठ पदों पर सेवारत रहे। वे अभी तक भारत सरकार में युवा कल्याण मन्त्रालय के सचिव थे। सेवानिवृत्ति के उपरान्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उन्हें यह गुरुतर दायित्व सौंपा है। श्री मिश्र ने बताया कि श्री राजीव गुप्ता गोसेवा व शाकाहार के प्रबल समर्थक एवं पैरोकार हैं।