सात्विक जीवन पद्धति और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर करे कैंसर का शमन- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। परमार्थ निकेतन में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर के रोकथाम एवं बचाव की जानकारी देने के साथ मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर का उद्घाटन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, सभी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, परमार्थ परिवार, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार, लद्दाख से आयी  बौद्ध भिक्षुणियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

रेडिएशन मुक्त थर्मो मेमोग्राफी मशीन का अनावरण उत्तराखण्ड राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, यमकेश्वर क्षेत्र की विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूरी जी, कैन प्रोटेक्ट फाउडेशन की अध्यक्ष डॉ सुमिता प्रभाकर, देहरादून महानगर अध्यक्ष श्री विनय गोयल, अभयदान फाउडेशन के अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार दत्ता, कर्नल राणा, कचरा संयोजन मशीन के जनक श्री लक्ष्मण शास्त्री जी, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया।

जनसमुदाय को कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिये गांधी पार्क देहरादून से 60 साइकिल सवार साइकिल रैली कर परमार्थ निकेतन पहुंचे और उन्होने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया। रैली फ्लैग आॅफ माननीय अजय भट्ट जी, मेयर और विधायक, श्री विनोद चमोली जी, माननीय विधायक, खजांदास जी, माननीय अनिल गोयल जी, अध्यक्ष प्रांतीय व्यापार मण्डल, श्री विनय गोयल जी महानगर अध्यक्ष भाजपा देहरादून ने किया। इन साइकिल सवार ने रास्ते में पड़ने वाले सभी गावों के लोगों को कैंसर से बचाव का संदेश देते हुये तंबाकू का उपयोग न करने का संदेश प्रसारित किया। हमारे देश में कैंसर से रोजाना 25 हजार मौतें होती हैं।

स्वामी शुकदेवानन्द चेरिटेबल हास्पिटल परमार्थ निकेतन में डिवाइन शक्ति फाउडेशन और कैन प्रोटेक्ट फाउडेशन के संयुक्त तत्वाधान में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस चिकित्सा शिविर में रेडिएशन मुक्त थर्मो मेमोग्राफी मशीन द्वारा निःशुल्क महिलाओं  की जांच की गयी। उत्तर भारत में पहली बार रेडिएशन मुक्त थर्मो मेमोग्राफी मशीन द्वारा चिकित्सा की जा रही है। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा परिक्षण एवं निःशुल्क दवाईयाँ वितरित की गयी। मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा शिविर में 250 से अधिक मरीजों ने पंजियन करवाया, उनका परिक्षण एवं जांच कर दवाईयाँ वितरित की गयी।

मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा शिविर में डॉ सुमिता प्रभाकर, प्रसूतिशास्त्री एंव बांझपन विशेषज्ञ, डॉ महेश कुरियाल न्यूरोसर्जन, डॉ एस के वर्मा कैंसर विशेषज्ञ, डॉ अजीत गैरोला, फिजिशियन, डॉ चिराग बहुगुणा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ प्रियंका नाक, कान, गला विशेषज्ञ, डॉ निशा सिंघल मनोचिकित्सक, डॉ सचिन रस्तोगी, दंत रोग विशेषज्ञ, डॉ आर के सिंह हडडी रोग विशेषज्ञ ने सेवायें प्रदान की। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर परमार्थ तट पर होने वाली सायंकालीन दिव्य गंगा आरती कैंसर पीड़ितों को समर्पित की गई।

उत्तराखण्ड के मुुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ने कहा कि आज हमने माँ गंगा के तट पर विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया है। उन्होने कहा कि जब भी कभी कोई कैंसर का नाम सुनता है तो भयभीत हो जाते है परन्तु हमें दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ निर्भिक होकर कैंसर से लड़ना होगा और उस पर विजय प्राप्त करनी होगी तभी समाधान प्राप्त होगा। उन्होने हिम्मत के साथ आगे बढ़ते हुये हर परेशानी का सामना करने का संदेश दिया।

विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूरी जी ने कहा कि कैंसर के लिये जागरूकता नितांत आवश्यक है विशेष तौर पर महिलाओं को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विश्व कैंसर दिवस पर सम्बोधित करते हुये कहा, ’वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिन्दगी में स्वस्थ रहने के लिये जीवन शैली, चिंतन शैली और आहार शैली में परिवर्तन करना नितांत आवश्यक है। सात्विक जीवन पद्धति के साथ योग, ध्यान और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर कैंसर से बचा जा सकता है और कैंसर होने पर उससे लड़ा भी जा सकता है। उन्होने कहा कि ऐसे अनेक उदाहरण है जिन्होने जीवनशैली में परिवर्तन कर कैंसर को हराया और फिर सामान्य जीवन जिया। कैंसर के मरीजों को एवं उनके घरवालों को चिकित्सा के साथ भावनात्मक सहयोग की अधिक जरूरत होती है जिससे वे खुद पर विश्वास कर संघर्षो पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। स्वामी जी ने शाकाहार एवं स्वच्छता पर जोर देते हुये प्राकृतिक जीवन पद्धति अपनाने का संदेश दिया। उन्होने कहा कि प्लास्टिक मानव और प्रकृति दोनों के लिये घातक है इसका उपयोग बंद कर कुछ हद तक कैंसर पर विजय प्राप्त कर सकते हैे। स्वामी जी ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग विकल्प के रूप में नहीं करें, बल्कि संकल्प के साथ उसका उपयोग कराना बंद करें क्योंकि प्लास्टिक ही है शारीरिक व्याधियों और प्रकृति के असंतुलन का कारण।’

कैन प्रोटेक्ट फाउडेशन की अध्यक्ष डाॅ सुमिता प्रभाकर ने बताया कि कैंसर जानलेवा बीमारी हैं। इससे पीड़ित मरीज जल्दी ठीक नही होते और इसके लक्षणों का पता भी देर से चलता है। चिकित्सा शिविर केे माध्यम से कैंसर के बारे में जानकारी देना ही हमारा उद्देश्य है ताकि जन साधारण को कैंसर  एवं उससे बचाव के विषय में जानकारी प्राप्त हो सके तथा वे समय रहते उपचार करा पायें।

कैंसर विशेषज्ञ डाॅ एस के वर्मा ने कैंसर, कारकों के विषय में जानकारी देते हुये बताया कि अक्सर लोग गर्म भोज्य पदार्थो को प्लास्टिक की थैली में बंद करके ले जाते हैं; कई स्थानों पर प्लास्टिक के कप में चाय या काफी का सेवन किया जाता है और देखा गया है कि माइक्रोवेव में प्लास्टिक के बर्तन में भोजन को गर्म किया जाता है जो की शरीर के लिये हानिकारक है अर्थात प्लास्टिक उष्मा के सम्पर्क में आते ही हानिकारक रसायन उत्पन्न करता है जो कि लगभग 52 प्रकार के कैंसर को जन्म देता है। डाॅ एस के वर्मा ने बताया कि ठंड़े पेय पदार्थ एवं कुरकुरे जैसी खाद्य सामग्री में भी प्लास्टिक की मात्रा पायी जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। उन्होने संतुलित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी एवं विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूरी जी को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। साथ ही डाॅ सुमिता प्रभाकर और सभी चिकित्सकों का गंगा आरती में विशेष अभिनन्दन किया एवं उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिये रूद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। स्वामी जी ने गंगा आरती में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाने का संकल्प कराया और दुनिया के सभी कैंसर पीड़ितों के स्वास्थ्य लाभ के लिये माँ गंगा से प्रार्थना की।