लम्बी आयु को नहीं, जीवन की गुणवत्ता को दें महोत्सव- सुधांशु जी महाराज

फ़रीदाबाद। लम्बी उम्र का ज़्यादा महत्व नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि मनुष्य जीवन की गुणवत्ता को समझा जाए, उसे श्रेष्ठ ढंग से जिया जाए और समाज, राष्ट्र व विश्व मानवता के लिए समर्पित रहकर मानव काया में आने को सार्थक कर लिया जाए। ऐसे व्यक्ति इस लोक में ही नहीं, सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में अमर हो जाते हैं।

यह बात आज सायंकाल टाउन पार्क में आयोजित चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव में विशाल जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुये आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने व्यक्त किए। शरीर नश्वर है लेकिन नाम की अमरता लोक-विख्यात है। यह नाम श्रेष्ठ चिन्तन, श्रेष्ठ कर्म तथा श्रेष्ठ व्यवहार से अमर होता है। प्रख्यात पर्यावरणविद श्री सुन्दर लाल बहुगुणा एवं पंडित चण्डीप्रसाद भट्ट द्वारा शुरू गए ‘चिपको आन्दोलन’ का ज़िक्र करते हुए महाराजश्री ने कहा कि राष्ट्र-रक्षक हिमालय पर ढेरों चोटों के बावजूद इस आन्दोलन के कारण लम्बे समय तक उसे बचाया जाता रहा। कालान्तर में उसमें ढिलाई आने के कारण उत्तराखंड को वर्ष-२०१३ की भयंकर जल-त्रासदी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति कालजयी होते हैं, अमर हो जाते हैं। उनने अन्य कई नामों का उदाहरण देकर उन सबसे प्रेरणा लेकर श्रेष्ठ लोकसेवी बनने को कहा।

आज प्रातःकाल एवं पूर्वाहनकाल की वेला में योग का सत्र चला और ध्यान की विधियाँ सिखाई गयीं। योग-ध्यान गुरू डॉ. अर्चिका दीदी ने सैद्धांतिक व व्यावहारिक ज्ञान उपस्थित योग जिज्ञासुओं-ध्यान साधकों को दिया। मिशन प्रमुख श्री सुधांशु जी महाराज ने सभी को श्री लक्ष्मी सिद्धि साधना सिखाई और दीवाली के पूर्व अनूठा लक्ष्मी पूजन कराया। कहा कि धन के अर्जन और ख़र्च करने में विवेक का इस्तेमाल करने की प्रेरणा हमारे ऋषियों ने दी है। इसीलिए दीपावली पर धन (लक्ष्मी) तथा विवेक (गणेश) का एक साथ पूजन होता है।

विश्व जागृति मिशन फ़रीदाबाद मण्डल के प्रधान श्री राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि कल रविवार को सत्संग महोत्सव का समापन होगा। प्रातः ०८ बजे से योग व ध्यान की कक्षा चलेगी, दोपहर में गुरुदीक्षा का क्रम चलेगा तथा सायं ०५ बजे से बौद्धिक सत्र चलेगा, जिसका समापन ०७ बजे होगा।