सुधांशु जी महाराज ने कानपुर में कहा, परमेश्वर के दिव्य दर्शन के लिए चंचलता को खत्म करें

कानपुर। शास्त्री नगर के सेंट्रल पार्क में तीन दिनों से चल रहे दिव्य भक्ति सत्संग के तीसरे दिन पूर्वाहनक़ालीन ध्यान-योग सत्र में सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि ईश्वर की कृपा पाने के लिए हमें हमें अपने मन को भीड़-भाड़ से भरी सड़क न बनाकर मन की सड़क को ख़ाली सड़क बनाना होगा। अन्तरात्मा में परमेश्वर के दिव्य दर्शन के लिए मन की चंचलता को समाप्त करना होगा।

यह उद्गार आज यहाँ चल रहे दिव्य सत्संग कार्यक्रम में विश्व जागृति मिशन के प्रमुख आचार्य सुधांशु जी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि झील के जल में पत्थर फेंकने पर जब लहरें उठने लगती हैं और तब उसमें आकाश और चाँद-तारे साफ़ नहीं दिखलाई पड़ते, उसी प्रकार अशान्त व अस्थिर मन के होने पर ईश्वर की दिव्य झाँकी के दर्शन होना सम्भव नहीं होता।अतः प्रभु कृपा प्राप्त करने के लिए हमें मन को स्थिर करना ही पड़ेगा।

इसके लिए हमें भूत की चर्चा और भविष्य के सपने सजाने की बजाए ‘वर्तमान’ पर ध्यान देना होगा। वर्तमान जीवित क्षण है, जिनकी उपेक्षा करने वाला व्यक्ति कभी भी सफल नहीं हो सकता।वर्तमान की शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान आपके अपने हाथों में है, इसका पूरा का पूरा उपयोग कीजिए। उन्होंने सकारात्मक सोच एवं विधायी चिन्तन को जीवन का बड़ा ताक़त बताया।

विश्व जागृति मिशन के कानपुर मण्डल के प्रधान मास्टर राजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि कानपुर के बैकुंठपुर में स्थित ‘’सिद्धि धाम आश्रम’’ उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी जगह बनायी है। बालक ध्रुव की तपस्थली तथा झाँसी की रानी रानी लक्ष्मी बाई के ननिहाल बिठुर के समीप सेवारत इस विशालकाय आश्रम में राधा माधव मन्दिर, सिद्ध शिखर मन्दिर, वैष्णो देवी की पवित्र गुफा आदि के दर्शन प्रतिदिन सैकड़ों व्यक्ति करते हैं। यहाँ देवदूत (अनाथ) बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। यहाँ साप्ताहिक सत्संग, गौशाला, श्रद्धा पर्व, ध्यान-साधना, मन्त्र जप, संकीर्तन, दनिक यज्ञ, वाचनालय/पठन-पाठन, भण्डारा आदि के सेवा-प्रकल्प कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ द्वादश ज्योतिर्लिंग तथा विशाल नव दुर्गा मन्दिर का भी निर्माण इन दिनों चल रहा है। श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविख्यात धर्मनगरी बिठुर के मुहाने पर सेवारत यह आश्रम और यहाँ के आध्यात्मिक रचनात्मक क्रियाकलाप जनता-जनार्दन के आदर व सहयोग के पात्र बन गए हैं।

तीन दिवसीय इस प्रभावी दिव्य सत्संग समारोह में आचार्य रजनीश भट्ट, आचार्य महेश शर्मा, रामनाथ अग्रवाल, ऊषा मक्कड, कमलेश तिवारी, रमाशंकर चौरसिया, प्रतिमा कटियार सहित अनेक आध्यात्मिक लोक-सेवियों का सक्रिय योगदान रहा। सत्संग कार्यक्रम में कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों के ज्ञान-जिज्ञासु भाग ले रहे हैं।