विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव का तीसरा दिन, गुरुमहिमा के गायन से गूंजा बाल विद्या मन्दिर प्रांगण

पूर्वी दिल्ली। विश्व जागृति मिशन पूर्वी दिल्ली मण्डल द्वारा आयोजित विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव के तीसरे दिवस सांध्यक़ालीन बौद्धिक सत्र में सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने गुरु महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि तपस्वी गुरु के मार्गदर्शन में शिष्य-साधक सफलता की नित नई-नई ऊँचाइयाँ चढता चला जाता है। शिष्य का समर्पण एवं गुरु की कृपापूर्ण प्रेरणाएँ ग्रहण कर व्यक्ति हर लक्षित चीज़ को प्राप्त करने में सफल होता है।

गीतानायक भगवान श्रीकृष्ण को महान गुरु बताते हुये उन्होंने महात्मा चाणक्य, ठाकुर रामकृष्ण परमहंस, समर्थ गुरु रामदास, अरस्तू इत्यादि महान गुरुओं के तपसी जीवन तथा उनके द्वारा गढ़े गए विभूतिवान शिष्यों का ज़िक्र किया। भारतीय इतिहास के दैदीप्यमान नक्षत्र गुरु चाणक्य के उच्च ब्राह्मणत्व की चर्चा करते हुये उन्होंने शिष्य जगत को व्रत, नियम एवं संयम का पालन करते हुये आगे बढ़ने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हीं व्यक्तित्वों को याद रखता है, जिन्होंने लोकहित को सर्वोपरि महत्व देते हुये तपस्वी जीवन जिया। भगवान विष्णु का अवतार कहे जाने वाले भगवान श्रीराम तक की उन्हीं २४ पीढ़ियों का इतिहास में वर्णन मिलता है, जिनका जीवन तपस्वी एवं गुरुनिष्ठ रहा।

श्री सुधांशु जी महाराज ने व्यक्तित्व को ऊँचा उठाने तथा लोकप्रियता अर्जित करने के लिए कई उपयोगी मन्त्र उपस्थित जनसमुदाय को दिए। कहा कि मधुर एवं मुदित व्यक्तित्व, परिश्रमी व सदाचारी जीवन तथा सर्वकल्याण की भावना व्यक्ति को अकल्पनीय ऊँचाइयों तक पहुँचा देते हैं। उन्होंने श्रीमदभगवतगीता और श्रीरामचरितमानस के प्रभावशाली उद्धरण देते हुये उचित समय पर उचित वचन बोलने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सही समय पर ज़िद करना तथा उचित समय पर झुक जाना समझदारी की पहली निशानी है।

आज के सायंक़ालीन सत्संग में भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के सांसद श्री मनोज तिवारी एवं विश्वासनगर के विधायक श्री ओम प्रकाश शर्मा पहुँचे और सत्संग सुना। उन्होंने मिशन प्रमुख आचार्य सुधांशु जी महाराज का नागरिक अभिनंदन भी इस अवसर पर किया। इस मौक़े पर श्री मनोज तिवारी ने विजामि परिवार के साथ बिताए अनेक क्षणों को याद किया और कहा कि आज का प्रवचन सुनकर लगा है कि अब ज्ञान युग का आगमन हो रहा है। उन्होंने एक भजन भी गाया। विश्व जागृति मिशन के पूर्वी मण्डल उपाध्यक्ष श्री दिनेश शर्मा ने बताया कि भक्ति सत्संग महोत्सव का समापन रविवार की सायंकाल होगा। इस दिन दोपहर १२ बजे से मन्त्र दीक्षा का क्रम चलेगा। एनसीआर सहित विभिन्न अंचलों के अनेक स्त्री-पुरुष इस अवसर पर गुरुदीक्षा ग्रहण करेंगे।

साभार: राम महेश मिश्र, निदेशक, विश्व जागृति मिशन, नई दिल्ली।