श्री सुधांशु जी महाराज से ध्यान-जिज्ञासु ने सीखी ध्यान की विधाएँ

चण्डीगढ़। विश्व जागृति मिशन के चण्डीगढ़-मोहाली-पंचकुला मंडलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिनी विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव के चौथे दिवस का पूर्वाहनक़ालीन सत्र ध्यान-योग के लिए समर्पित रहा।मिशन के कल्पनापुरुष प्रख्यात सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने एक्जीबीशन ग्राउण्ड स्थित विशालकाय सत्संग सभागार में ध्यान की विभिन्न विधियाँ ध्यान-जिज्ञासुओं को सिखाईं। उन्होंने आंतरिक उत्थान अर्थात आत्मोतकर्ष का सर्वाधिक ध्यान रखने वाले व्यक्तियों को सर्वश्रेष्ठ ‘ ध्यानी’ बताया।

इस अवसर पर सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि विश्व में रह रहे 700 करोड़ स्त्री-पुरुष लगभग 300 प्रमुख मतों-महजबों-संप्रदायों अनुयायी हैं। उनकी अनेक चीजें पृथक-पृथक हो सकती है, लेकिन एक चीज सबमें कामन अर्थात् एक जैसी है, वह है प्रार्थना। सबका मत है कि ईश्वर दुनिया के हर आदमी के दिल में निवास करता है। इसलिए भगवान से की गई प्रार्थना का फल तभी मिलता है, जब वह प्रार्थना दिल से की गई हो। उन्होंने कहा कि प्रार्थना का सम्बन्ध वाणी, धन, प्रभाव या सम्बन्धों से नहीं होता, उसका सम्बन्ध हृदय से होता है। दिल की गहराइयों से की गई प्रार्थना परमेश्वर तक अवश्य पहुंचती है और वह स्वीकार की जाती है।

उन्होंने श्रद्धा और विश्वास को मानव जीवन की बड़ी ताकत बताया और कहा कि वस्तुत: यह दोनों ही शंकर और पार्वती का रूप हैं। उन्होंने कहा कि प्रार्थना करने वालों को तीन भागों में विभक्त किया जाता है। पहले वे जो प्रसन्न मन से प्रार्थना करते हैं वह ईश्वर को धन्यवाद देते हुए प्रार्थना करते हैं। नित्य नियम से प्रार्थना करने वाले नैत्यिक-अभ्यासी व्यक्ति परमेश्वर से सदैव संरक्षण बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं। तीसरी श्रेणी के व्यक्ति दुःख-कष्टों के आने पर प्रार्थना करते हैं और वे प्रार्थना करते हुए प्रभु से सहायता मांगते हैं। उन्होंने कहा कि आपकी श्रेणी जो कोई हो, आप प्रार्थना हमेशा हृदय की गहराइयों से कीजिए।

मिशन मुख्यालय आनन्दधाम नयी दिल्ली स्थित द ह्ववाईट लोटस हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एन. दहिया ने बताया कि सत्संग स्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, जिसमें क्वाटंम एनालाईज़र मशीन से पूरे शरीर का परीक्षण करने की सुविधा है।इसका लाभ चण्डीगढ़ के काफ़ी लोगों ने उठाया है।नाड़ी रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रवण कुमार की सेवाएँ भी यहाँ उपलब्ध है। स्टॉल प्रभारी श्री प्रयाग शास्त्री ने बताया कि साहित्य स्टॉल श्रद्धेय महाराजश्री द्वारा भाष्य की गई श्रीमद्भगवतगीता एवं प्रार्थना ग्रन्थ चण्डीगढ़ सहित पंजाब के हज़ारों घर-परिवारों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने देश को अच्छी सेहत प्रदान करने के लिए निर्मित १७२ उपयोगी उत्पादों की भी जानकारी दी।

विश्व जागृति मिशन के निदेशक राम महेश मिश्र ने गौसेवा, वृद्धजन सेवा, देवदूत (अनाथ) बाल शिक्षा, संस्कृत एवं वेद शिक्षा (महर्षि वेदव्यास गुरुकुल विद्यापीठ) आदि के क्षेत्र में चलाए जा रहे सेवा-कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने मिशन की मुखपृष्ठ पत्रिका ‘जीवन संचेतना’ के बारे में बताया। उन्होंने आगामी दो मई को आनन्दधाम नई दिल्ली में आयोजित उल्लास पर्व, 09 मई से 04 जून के मध्य देवभूमि हिमाचल के मनाली में आयोजित लघु चांद्रायण तप साधना एवं पाँच विशेष ध्यान शिविरों, 15 से 26 जून में आयोजित कैलास मानसरोवर यात्रा, गुरुपूर्णिमा पर्व पर 27 से 29 जुलाई में आनन्दधाम में आहूत सिद्धि साधना शिविर तथा 21 से 24 अक्टूबर की तिथियों में दिल्ली के आनन्दधाम में आयोजित श्रीगणेश लक्ष्मी महायज्ञ की जानकारी भी दी और सभी को वहाँ आमन्त्रित किया।