विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव का हुआ शुभारम्भ, हरि ॐ नमो नारायणाय से गूँजी बरेली नगरी

बरेली/ नेहा मिश्रा। विश्व जागृति मिशन नयी दिल्ली एवं बरेली मण्डल के तत्वावधान में यहाँ दशहरा मैदान में चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का आज सायंकाल विधिवत श्रीगणेश हो गया।’हरि ॐ नमो नारायणाय’ सहित विभिन्न भजनों से सजी सन्ध्या में प्रख्यात चिन्तक, विचारक, अध्यात्मपुरुष आचार्य सुधांशु जी महाराज ने अपना उदबोधन प्रार्थना का महत्व बताते हुये शुरू किया और कहा कि व्यक्ति के जीवन में प्रार्थना का बड़ा महत्व होता है। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना में वह शक्ति है जो जीव को ब्रह्म से और आत्मा को परमात्मा से एकाकार करा देती है। प्रार्थना के बल पर व्यक्ति आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक दोनों क्षेत्रों में चरमोत्कर्ष पर पहुँचने में सफल होता है।

श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि भारतवर्ष सिद्ध सन्तों का, गुरुओं का देश है। यहाँ ‘धर्म’ जीवन के रग-रग में बसता है। ईश्वर का नाम यहाँ की हर ज़ुबान पर बसता है। ‘माँ’ यहाँ की सबसे बड़ी ताक़त है। भारत माता, गंगा माता, गौमाता, विद्या माता आदि इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सुख एवं शान्ति में गीता का सर्वाधिक महत्व है। पलायन को त्याग कर जागरण का सन्देश देने वाली तथा मरणधर्मा को अमरता का सन्देश देने वाली श्रीमदभगवदगीता मनुष्य के जीवन में युक्ति व बहादुरी दोनों का सामन्जस्य स्थापित करा देती है। उन्होंने कहा कि गीता से जन्म और मरण दोनों को सुधारा जाना सम्भव है।

उन्होंने ज्ञान और कर्म की संयुक्त शक्ति पर प्रकाश डाला और गीता के सन्देशों को जीवन में उतारने का आहवान देशवासियों से किया। श्री सुधांशु जी महाराज ने बताया कि विश्व जागृति मिशन ने चालू वर्ष 2018 को ‘गीता ज्ञान प्रसार वर्ष’ घोषित किया है।मिशन द्वारा देश के हर घर और हर परिवार में श्रीमदभगवतगीता की स्थापना करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को श्रोता, जिज्ञासु, साधक, भक्त एवं शिष्य की क्रमिक यात्रा पर गहराई से प्रकाश डाला।

विजामि के बरेली मण्डल के प्रधान श्री पवन अरोड़ा ने बताया कि सत्संग महोत्सव का समापन 11 मार्च की सायंकाल होगा।