विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव में साधकों ने ज्ञान को जीवन में उतारने का लिया संकल्प

बरेली/ नेहा मिश्रा। विश्व जागृति मिशन बरेली मण्डल द्वारा आयोजित चार दिवसीय विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव के अन्तिम दिन के प्रातःक़ालीन सत्र का श्रीगणेश ध्यान-योग की कक्षा से हुआ। साधकों ने प्राच्य भारतीय ऋषि विद्या ‘योग’ के मर्म को जाना और ध्यान की गहराई में उतरने का प्रयास किया। ध्यान जिज्ञासुओं ने सीखे गए ज्ञान को अपने जीवन में उतारने के साथ-साथ परिवार व समाज के सदस्यों को भी इसका लाभ देने का संकल्प मुट्ठी भरे हाथ उठाकर किया।

योग साधकों ने ‘हास्य योग’ में ख़ासी रुचि दिखाई। स्वस्थ जीवन के लिए समय से जागरण व शयन, हास्य, योग, ध्यान, स्वाध्याय, नियमित एवं सन्तुलित भोजन तथा सकारात्मक चिन्तन को ज़रूरी बताते हुये सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन में विकास व उत्थान की अनन्त सम्भावनाएँ मौजूद हैं। मनुष्य चाहे तो वह नर से नारायण बनने के मार्ग पर कुशलतापूर्वक आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक सूत्रों का ईमानदारी एवं निष्ठापूर्वक पालन करने वाले साधारण व्यक्ति भी असाधारण बन सकते हैं।

गायत्री महामन्त्र से आरम्भ हुये सत्र में आगे उन्होंने कहा कि ईश आराधना का अर्थ मात्र याचना करना और रोना-गिड़गिड़ाना नहीं, बल्कि अपनी इच्छा को तीव्र इच्छा, तीव्र इच्छा को निश्चय तथा निश्चय को दृढ़ संकल्प में बदलकर अपनी संकल्पना को उच्च तापमान तक ले जाना पड़ता है। जिस तरह जल गरम करने के लिए उसे उच्च तापमान की गर्मी देना आवश्यक होता है, उसी तरह इच्छा को दृढ़ संकल्प बनाए बिना ईश्वर से कुछ भी पाना सम्भव नहीं होता। इसके लिए भीरुता यानी कायरता को वीरता में बदलना होगा, आलस्य पर विजय पाना होगी, जीवनचर्या को व्यवस्थित करना होगा, खान-पान को नियमित एवं सन्तुलित बनाना होगा, अपने चिन्तन को विधेयात्मक बनाना होगा और सेवा के मार्ग पर चलना होगा। उन्होंने सभी को वर्तमान में जीने की सलाह दी। श्रद्धेय महाराजश्री ने सभी को ध्यान की गहरी विधियाँ सिखलाईं। सभी ने उनका पूरा लाभ लेने और अपने सम्पर्क के लोगों को इस ज्ञान से लाभान्वित करने का संकल्प व्यक्त किया।

विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने बताया कि ध्यान-योगगुरु डॉ. अर्चिका दीदी के नेतृत्व में आगामी जून माह में कैलाश मानसरोवर की यात्रा एक बड़े ग्रुप के साथ की जाएगी।उसी बीच पड़ने वाले अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर कैलाश की ऊँची चोटी पर योग प्रशिक्षण शिविर भी सम्पन्न होगा।इसके पंजीयन के लिए भ्रमण भाष संख्या 09716616424 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ज़िलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए सत्संग स्थल पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें नयी दिल्ली स्थित वि.जा.मिशन मुख्यालय के अधिकारी श्री प्रयाग शास्त्री सहित अनेक व्यक्तियों ने रक्तदान किया। श्री सुधांशु जी महाराज ने रक्तदान को ‘असली गुप्तदान’ बताया और दूसरों की जीवनरक्षा के लिए अपना ख़ून देने वाले साधकों की सराहना की।