आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने सूर्य शक्ति से जुड़े रहने का किया सभी से आह्वान

28 दिसम्बर। ”तुम मेरे जीवन के धन हो और प्राणधार हो” गीत जब महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर के महावीर उद्यान से गुंजरित हुआ, तब लगा कि सारा का सारा जहान यह गीत गा उठा हो। विश्व जागृति मिशन के कल्पनापुरुष-प्रणेता सन्तश्री सुधांशु जी महाराज द्वारा गाये गए इस भजन में सृष्टि-नियंता परमेश्वर की अगाध महिमा गायी गई। ”देके तुम थकते नहीं हो ऐसे तुम सरकार हो” पंक्ति पर करतल ध्वनि के साथ कई हजार की संख्या में प्रांगण में मौजूद ज्ञान-जिज्ञासुओं ने अपनी भी सहमति जताई और यह भजन साथ-साथ गाया।

सूर्य शक्ति की महत्ता का विवेचन करते हुए श्री सुधांशु जी महाराज ने ‘तेजोसि तेजोमयि धेहि” और ‘गायत्री महामन्त्र’ के मन्त्रों को जीवन का ध्येय मन्त्र बनाने का आह्वान देशवासियों से किया। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि शिवाजी, महाराणा प्रताप, तेनम्मा और झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे महावीर भारतभू पर जन्म लें। कहा कि सूर्य-साधक सूर्य की तरह चमकने वाला व्यक्तित्व होता है। उन्होंने नयी पीढ़ी के सदस्यों को सच्चा आध्यात्मिक बनने की प्रेरणा दी और कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों से हमारे युवा प्रेरणा प्राप्त करें। कहा कि आज के बदलते युग में ऊर्जावान व्यक्तित्वों की इस राष्ट्र को महती आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मिशन की नागपुर महिला समिति के सदस्यों का सम्मान किया गया। समिति के सदस्यों द्वारा विराट भक्ति सत्संग महोत्सव के आयोजन में सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया है। कार्यक्रम का मंचीय समन्वयन एवं संचालन आनन्दधाम नयी दिल्ली से आए विजामि निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।