सिद्धान्तप्रियता, भावनाशीलता, अनुशासनप्रियता व निरन्तरता उठाते हैं जीवन को ऊँचा – सुधांशु जी महाराज

हैदराबाद/ पावस उपाध्याय। विश्व जागृति मिशन के हैदराबाद मण्डल के तत्वावधान में कल गुरुवार को यहाँ आरम्भ हुए चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव के दूसरे दिन मिशन प्रमुख सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने उपस्थित ज्ञान-जिज्ञासुओं से कहा कि नियमों एवं अनुशासनों का पालन जीवन को उत्कृष्ट बना देता है।

सिद्धांतप्रियता, भावनाशीलता, निरन्तरता और अनुशासनप्रियता ऐसे अस्त्र हैं जिनसे बड़े-बड़े जीवन-युद्ध जीते जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चार तरह की तरंगें मानव मष्तिष्क से निकलती हैं, जिनके माध्यम से मष्तिष्क में शान्ति आती है, हृदय भाव-तरंगों से भरता है, सबके प्रति प्रेम उमड़ता है तथा ईश्वरीय संरक्षण की अनुभूति सदैव होती है।

श्री सुधांशु जी महाराज ने शान्ति और समृद्धि को एक सिक्के के दो पहलू बताया और कहा कि शान्ति, सुख एवं समृद्धि का मुख्य आधार है। जिस परिवार, समाज और राज्य में शान्ति होती है, वह ज्यादा प्रगति करते हैं। शान्ति स्थापना के लिए उन्होंने समर्पण को जरूरी बताया और कहा कि समर्पण और विश्वास की नींव पर ही प्रेमपूर्ण दाम्पत्य, सुखमय परिवार, विकसित उद्योग तथा सुखी व समृद्ध राष्ट्र के विशाल महल खड़े होते हैं। उन्होंने ललित कला तोरणम् के विशाल प्रांगण में उपस्थित जन-समुदाय को अनेक जीवन सूत्र दिए। उन्होंने गायत्री मन्त्र को विश्व का सबसे ताक़तवर महामन्त्र बताया।

इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद विश्व जागृति मिशन के अन्तरराष्ट्रीय प्रधान श्री प्रेम सिंह राठौर एवं महामंत्री श्री देवराज कटारिया ने श्रीमद्भगवतगीता के तेलगू व तमिल संस्करण का विमोचन श्री सुधांशु जी महाराज से कराया। इन्हें दक्षिण भारत की स्वनामधन्य लेखिका श्रीमती शारदा देवी द्वारा अनूदित किया गया है। वह पहले भी ‘प्रार्थना’ तथा ‘ध्यान व योग’ नामक पुस्तकों का तेलगू व तमिल में अनुवाद कर चुकी हैं। माँ शारदा देवी द्वारा रचित ‘गुरुसहस्रनाम’ ग्रन्थ बड़ा लोकप्रिय हुआ है।

सत्संग सभा में प्रख्यात भजन गायिका श्रीमती रमा जैमिनी, कश्मीरी लाल चुग, आचार्य अनिल झा, महेश सैनी, राम बिहारी, स्वाति एवं सात्विका ने कई मधुर भजन प्रस्तुत किये। संगीत दल में प्रमोद राय, राहुल आनन्द, चुन्नी लाल तंवर, वशिष्ठ, अरविन्द, सत्यदेव एवं श्रीनिवास सम्मिलित थे। इसके पूर्व बेंगलुरु (कर्नाटक) से आये श्री के.के.तांतिया एवं परिवार ने व्यास पूजन किया।

विश्व जागृति मिशन के हैदराबाद मण्डल के पदाधिकारियों ने समस्त ज्ञान-जिज्ञासुओं की ओर से श्री सुधांशु जी महाराज का अभिनंदन किया। नई दिल्ली से आये मिशन निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने दक्षिण भारत के विभिन्न प्रान्तों व जनपदों के नर-नारियों को आगत प्रयागराज कुम्भ का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि कल शनिवार का पूर्वाह्नकालीन सत्र 10 बजे से नारसिंगी स्थित अमृतधाम आश्रम परिसर में होगा।