राज कुमार जैन व सुभाष ओसवाल सौहार्द व समन्वय के प्रतीक- आचार्य लोकेश

नई दिल्ली। अहिंसा विश्व भारती संस्था के 13 वें स्थापना दिवस पर विज्ञान भवन में आयोजित अहिंसा दिवस समारोह में संस्था के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि ने प्रख्यात समाज सेवी श्री राज कुमार जैन एवं श्री सुभाष ओसवाल को ‘समन्वय सेतु अलंकरण’ से सम्मानित किया | समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू, इंडिया टी.वी के चेयरमैन व एडिटर इन चीफ श्री रजत शर्मा एवं वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की चेयरपर्सन श्रीमती किरण चोपड़ा  व पार्क हॉस्पिटल के चेयरमैन डा. अजीत गुप्ता एवं श्री मनोज जैन उपस्थित थे |

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि जैन समाज व अहिंसा विश्व भारती संस्था का राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है | उन्होंने कहा कि हमारे देश में अनेक महापुरुषों भगवान महावीर, भगवान बुद्ध ने अहिंसा पर बहुत बल दिया | महात्मा गाँधी ने अहिंसा के अस्त्र से भारत को आजाद कराया | अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं है | अहिंसा ही वह मार्ग है जिस पर चलकर स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है |

आचार्य लोकेश ने इस अवसर पर कहा कि श्री राज कुमार जैन व श्री सुभाष ओसवाल सौहार्द व समन्वय के प्रतीक है |  उन्होंने भगवान महावीर के अनेकांत दर्शन को आत्मसात किया है | यही कारण है कि वे जैन धर्म की चरों ही परम्पराओं में उदारता पूर्वक सहयोग देते है | उनका ज्ञान, अनुभव, व्यक्तिगत कुशलता एक सेवा करने की मनोवृत्ति सराहनीय है |  वषों से अहिंसा विश्व भारती संस्था के साथ कार्यरत रहकर उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना व भाईचारे की स्थापना में महत्पूर्ण योगदान दिया है | वो निष्काम भाव से समाज सेवा करने व राष्ट्र निर्माण के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने के लिए  सदैव अग्रसर रहते है | अत: मैं इस अवसर पर उन्हें ‘समन्वय सेतु अलंकरण’ से सम्मानित करता हूँ |

श्री राज कुमार जैन ने सम्मान स्वीकार करते हुए कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया एवं शांति दूत आचार्य लोकेश के कर कमलों से सम्मानित होना गौरव की बात है | उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अहिंसा विश्व भारती संस्था के माध्यम से वो  धर्म को समाज सेवा से जोड़कर, उसे सामाजिक बुराईयों के मिटाने का माध्यम बनाने के सदैव प्रयासरत रहेंगे |

श्री सुभाष ओसवाल ने कहा कि आचार्य लोकेश मुनि की प्रेरणा से हमने मानवीय मूल्यों के उत्थान के लिए, नैतिक व चारित्रिक मूल्यों के प्रचार प्रसार के लिए देश व दुनिया में निरंतर प्रयास किये है | अहिंसा विश्व भारती के साथ कार्यरत रहकर समाज से कन्या भ्रूण हत्या, नशाखोरी, पर्यावरण प्रदूषण आदि सामाजिक बुराईयों के विरोध में चल रहे आन्दोलन को भारत के कोने कोने तक ले जाने का भरसक प्रयास करते रहेंगे |