गांधीवादी महापुरुष डॉ एस एन सुब्बाराव से एक अद्भुत मुलाकात

नई दिल्ली। प्रख्यात गांधीवादी डॉ. एस.एन.सुब्बाराव ‘भाईश्री’ के साथ कुछ पल बिताने का सौभाग्य मिला। शायद गांधी से ज़्यादा गांधी विचारों पर चलने वाले गांधीवादी महापुरुष है डॉ. एस.एन.सुब्बाराव। वह 92 वसन्त पार कर चुके हैं, लेकिन लगते 60 के हैं। हाफ़ शर्ट, हाफ़ पैंट, कंधे पर थैला। अनोखा व्यक्तित्व, वास्तव में महान हैं। आज उन्होंने हमें गांधी-चरखे पर हाथ से बने सूत-धागे की माला पहनाकर सम्मानित किया और विश्व जागृति मिशन की स्वयं चर्चा की।

दरअसल डॉ.सुब्बाराव एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो राष्ट्र के बड़े से बड़े राजनेता से सख़्त लहजे में बात कर सकते हैं। पार्टियों से बहुत ऊपर हैं वो, लेकिन बताया गया कि कांग्रेस ने दो बार चाहा कि उन्हें देश का राष्ट्रपति बनाया जाय। उन्होंने साफ़ शब्दों में इंकार कर दिया। आज मेरे सामने जब उनके सचिव श्री सुरेश राठी ने कहा, एक राज्य के मुख्यमंत्री ने आपको दो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड देने की पेशकश की है, भाईश्री ने कहा कि तुम मुझे बन्धनों में बांधना चाहते हो? हमारी ओर देखकर मुस्कराए और कहा- इसीलिए तो मैंने शादी नहीं की थी। अमेरिका के युवाओं के बीच दो माह काम करके लौटे भाईश्री से वहां की बातें सुनने को लोग एकत्र हुए थे। हार्दिक नमन है माह में 25 दिन प्रव्रज्या पर रहने वाले इस महाविभूति को।

विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र की कलम से।