मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ-2019 का पहला शाही स्नान

प्रयागराज/ देवेश दुबे। मकर संक्रांति के मौके पर शाही स्नान के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का शंखनाद हो गया है। कड़ाके की सर्दी में अलग-अलग अखाड़ों के साधु गंगा में डुबकी लगाए। मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ। शाही स्नान के लिए सबसे पहले संगम तट पर श्री पंचायती महानिवार्णी अखाड़ा का जुलूस पहुंचा। अखाड़े के देव भगवान कपिल देव तथा नागा संन्यासियों ने अखाड़े की अगुवाई की। पंचायती महानिवार्णी अखाड़ा ने सबसे पहले डुबकी लगाई। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले अखाड़े के भालादेव ने स्नान किया। उसके बाद नागा साधुओं ने फिर आचार्य महामंडलेश्वर और साधु-संतों ने स्नान किया। निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए संगम तट पर शाही स्नान किया। केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। वह भी इस पावन पर्व पर कुंभ के शंखनाद की साक्षी बनीं।

शाही स्नान के दौरान संगम तट पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। यह विहंगम दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्रथम शाही स्नान के पर्व पर केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबीन इरानी ने भी त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाई। स्मृति इरानी ने पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था की तारीफ की। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी रावत प्रथम शाही स्नान पर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।