मेरे मन में बसे हैं राम मेरे तन में बसे हैं श्याम

नई दिल्ली। श्री राधासर्वेश्वर भगवान की कृपा से आज ठाकुर जी की दिव्य श्रीमद भागवत कथा कलश सोभा यात्रा के साथ प्रारम्भ हुई श्री दादा देव मन्दिर प्रांगण में पालम दिल्ली के भक्तो ने प्रथम दिवस की कथा आनंद लिया।

घनश्यामवशिष्ठ कान्हा भैया जी ने मंगलाचरण के साथ आज भागवत महात्म की कथा भगवद भक्तो को श्रवण कराई। भगवान को अगर पाना है तो ह्रदय में भक्ति जाग्रति करनी चाहिए। उनके चरणों मे सच्ची लग्न होनी चाहिए। और भगवान कभी अपने भक्त से दूर नही रहते थे वो हर पल सदैव साथ रहते हैं पग-पग पर भक्त का साथ देते हैं। भगवान भक्त को राम रूप में या कृष्ण रूप में ही दर्शन देने नही आते वो किसी भी रूप में आ सकते उनके अनेक रूप है अनेकों लीलाये है “हरि अनन्त,हरि कथा अन्नता” वो जरूरी नही की हाथ मे वंशी या सिर मोर मुकुट लगाकर ही आये।

ठाकुर जी किसी भी रूप में अपने भक्त को दर्शन देने आते हैं। प्रह्लाद के लिए नरसिंह रूप लेकर आये। नामदेव जी के लिए कुत्ते से प्रगट हो गए। कर्मा बाई के लिये झूठी दातुन से बनी खिचड़ी का भोग लगा गए।इसलिए मन मे भगवान को बसा कर उनकी पूजा आराधना करो। ऐसे महत्वपूर्ण प्रसंगों के साथ कथा विश्राम हुई।