विराट भक्ति सत्संग में श्री सुधांशु जी महाराज बोले, समय सबसे क़ीमती सम्पदा, इसका नियोजन करें

पटियाला। विश्व जागृति मिशन के तत्वावधान में पटियाला में आयोजित चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का आज सायंकाल विधिवत समापन हो गया। ‘’ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’’ के सहगान संकीर्तन से आरम्भ हुये समापन सत्र में मिशन के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि समय बड़ा मूल्यवान है। यह एक ऐसी वेशक़ीमती सम्पदा है, जिसकी हानि वास्तव में जीवन की हानि है। उन्होंने कहा कि दुःखद तथ्य यह है कि लोग अक्सर समयरूपी प्रभु प्रदत्त अमूल्य सम्पत्ति का क्षरण करते रहते हैं। मानव जीवन का यह एक ऐसा नुक़सान है, जिसकी भरपायी कभी भी किसी भी दशा में हो नहीं सकती।

विश्व जागृति मिशन प्रमुख ने वीर हक़ीक़त राय ग्राउण्ड में सम्पन्न सत्संग महोत्सव अन्तिम कक्षा में खचाखच भरे पाण्डाल में उपस्थित जनसमुदाय से विजामि प्रमुख ने सभी के जीवन में दिव्यता का समावेश करने का आहवान किया और कहा कि यह दिव्यता देव संस्कृति के प्रति प्रेम करने से आती है। इसलिए ऋषियों के द्वारा पोषित देव संस्कृति से अपना अनुराग निरन्तर बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपना पेट काटकर भी दूसरों को भला करने का नाम ‘संस्कृति’ है, स्वयं कमाना और स्वयं खाना ‘प्रकृति’ है तथा दूसरों का छीनकर खाना ‘विकृति’ है। उन्होंने विकृति नामक से दूर रहकर प्रकृतिनिष्ठ जीवन जीकर संस्कृति का हितैषी एवं विस्तारक बनने की अपील सभी से की। इसके लिए ज़रूरी है कि आपका साथ अच्छे लोगों से सदैव बना रहे। इस कड़ी में उनने लाहौर (अब पाकिस्तान) के छज्जू भक्त का इतिहास उदाहरण सभी को सुनाया तथा बढ़ी उम्र के लोगों से अपने दायित्व निर्वहन के बाद वानप्रस्थी जीवन जीकर समाज व देश की सेवा के लिए कमर कसने का आहवान किया।

सत्संग कार्यक्रम में आचार्य अनिल झा की अगुवाई में आनन्दधाम नयी दिल्ली से आयी संगीत टोली के सदस्यों रामबिहारी, महेश सैनी, प्रमोद राय, राहुल आनन्द, एवं चुन्नीलाल ने भजनों के माध्यम से पधारे पंजाबवासियों को प्रेरित किया।पटियाला के गायक सुरजीत कुमार, प्रदीप कुमार एवं संतोष कुमार ने भी गीत-संगीत के माध्यम से सभी का उत्साहवर्धन किया। सभा संचालन व समन्वयन विश्व जागृति मिशन के निदेशक राम महेश मिश्र ने किया।

आचार्य सुधांशु जी महाराज ने मिशन के पटियाला मण्डल प्रधान श्री अजय कुमार अलिपुरिया एवं उप प्रधान श्री प्रदीप गर्ग सहित सभी समर्पित कार्यकर्ताओं के सत्प्रयासों की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया। सत्संग महोत्सव का समापन पटियाला मण्डल के सदस्यों द्वारा श्रद्धेय सुधांशु जी महाराज के नागरिक अभिनंदन एवं भगवान की आरती के साथ हुआ। समापन सत्र में संगरूर के विधायक श्री बृजेंद्र सिंगला एवं पटियाला नगर निगम के पूर्व महापौर श्री अमरिंदर बजाज सहित अनेक गण्यमान व्यक्ति मौजूद थे।

नगर का वीर हक़ीक़त राय ग्राउण्ड आज मानवीय उत्साह और उल्लास से लबालब भरा था, वहाँ प्रसन्नता की बारिश थी, सभी के चेहरों से हँसी के फ़व्वारे छूट रहे थे, शारीरिक आलस्य भाग रहा था और सभी बाल-वृद्ध व नर-नारी आनंदित थे। अवसर था- विजामि द्वारा आयोजित योग व ध्यान कक्षा का, जिसका संचालन स्वयं मिशन प्रमुख प्रख्यात अध्यात्मवेत्ता श्री सुधांशु जी महाराज कर रहे थे। उन्होंने शरीर, मन और आत्मा को प्रसन्नता एवं आनन्द से भर देने वाली कई योगिक क्रियाएँ योग जिज्ञासुओं को सिखायीं।

योग-ध्यान सत्र में बोलते हुये श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि मनुष्य शरीर के सातों चक्रों पर विभिन्न देव शक्तियाँ निवास करती हैं। उन्होंने उनका ध्यान कराया तथा उन शक्तियों के जागरण की अनेक आध्यात्मिक विधियां सिखलाईं। उन्होंने कहा कि सप्तचक्रों को जागृत व ऊर्जावान बनाने तथा उन पर केन्द्रित दैवीय सम्पदाओं को पहचान लेने से व्यक्ति नर से नारायण बनने की राह पर चल पड़ता है। इसलिए योग को जहाँ भीतर सोयीं शक्तियों को जगाने वाला एक परिष्कृत विज्ञान कहा जाता है, वहीं इस जीवन विद्या का सहारा लेकर वह अपना समग्र विकास करने में सफल होता है। उन्होंने भगवान शिव को ‘आदि योग गुरू’ बताया और कहा कि योग को अपने जीवन का अविभाज्य हिस्सा बनाएँ। श्रद्धेय महाराजश्री ने सभी से अपनी नयी पीढ़ी को योग से जोड़ने को कहा।

श्री सुधांशु जी महाराज ने प्राणायाम को समस्त शारीरिक कष्टों से निजात दिलाने वाली योग क्रिया कहा और १०-१५ मिनट का समय प्रतिदिन इस योगिक अभ्यास के लिए निकालने का आहवान पंजाबवासियों से किया। मिशन प्रवक्ता ने बताया कि मिशन की योग-ध्यान गुरू डॉ अर्चिका दीदी की अगुवाई में योग विद्या की विभिन्न पद्धतियों से जन-जन को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नए वर्ष के जनवरी माह में बाली, मलेशिया एवं दुबई में भी योग शिविर आयोजित किए गए हैं।