20वें श्रद्धा पर्व महोत्सव में “श्रद्धा पर्व एक मार्गदर्शिका” पुस्तक का हुआ विमोचन

 

नई दिल्ली। विश्व जागृति मिशन की ओर से हर साल आनंद धाम में श्रद्धा पर्व मनाया जाता है। इसी कड़ी में गांधी जयंती के पावन अवसर पर 20वाँ श्रद्धा पर्व महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विश्व जागृति मिशन के संस्थापक सुधांशु जी महाराज ने कहा कि पिता के वचन को सम्मान देने के लिए वियावान जंगलों में भटकने वाले श्रीराम, दो पिताओं व दो माताओं को बराबर सम्मान देने वाले श्रीकृष्ण, माँ-बाप को कंधों पर ले जाकर चारधाम यात्रा कराने वाले श्रवण कुमार और पिता के शाप को भी नमन कर यमराज को जीत लेने वाले बालक पुण्डरीक के देश भारतवर्ष में माता-पिता वृद्धाश्रम में गुज़ारा करें, यह स्थिति शर्मनाक है।

वृद्धों, बुज़ुर्गों का सम्मान हो, वह उपेक्षित न रहें; ऐसी ढेरों प्रेरणाएँ देने का सशक्त माध्यम बन चुका है यह श्रद्धा पर्व।आज ८ चुनिंदा विभूतियों का सम्मान किया गया। श्रेष्ठ शिखर सम्मान वीररस कवि प्रोफ़ेसर हरिओम पंवार को दिया गया।

सत्कीर्ति सम्मान पाने वालों में इसरो के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक तथा विज्ञान एवं अध्यात्म के प्रमुख प्रवक्ता डॉ.ओम् प्रकाश पाण्डेय, महान गणितज्ञ प्रो.भूदेव शर्मा, आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक एवं वीएचपी के अन्तरराष्ट्रीय महामन्त्री श्री दिनेश चन्द्र, पूर्व IAS श्री विमल चन्द्र पाण्डेय, मशहूर शिक्षाविद डॉ.उपेन्द्र कौशिक, उद्योगपति श्री कश्मीरी लाल हंस एवं प्रख्यात नृत्यांगना श्रीमती शोभा कोसर शामिल थे। पहली बार प्रकाशित ‘श्रद्धा पर्व : एक मार्गदर्शिका’ पुस्तिका का विमोचन भी हुआ। इसके सम्पादक हैं डॉ. नरेन्द्र मदान और सह-सम्पादक श्री राम महेश मिश्र।