कुम्भ में शाही स्नान का बहिष्कार करेंगे अखाड़े

इलाहाबाद। अगले साल कुम्भ में सभी अखाड़े शाही स्नान का बहिष्कार करेंगे। सरकार और प्रशासन से नाराज 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने श्रीपंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े में बैठककर इसका ऐलान किया। कुम्भ मेला 2019 में अखाड़े के संत मौजूद तो रहेंगे लेकिन न तो कोई सरकारी सुविधा लेंगे और न ही शाही स्नान करेंगे। बैठक के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने इसकी जानकारी दी।

अखाड़ा परिषद की बैठक में प्रस्ताव दिया गया कि उज्जैन की तर्ज पर प्रयाग में भी अखाड़ों के लिए स्थायी निर्माण कराया जाए। अखाड़ा परिषद के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके लिए आश्वासन तो दिया लेकिन अब तक प्रशासन ने एक भी काम शुरू नहीं कराया। ऐसे में अब जबकि कुम्भ मेला शुरू होने में महज आठ महीने बचे हैं तो काम कैसे पूरा होगा। इससे नाराज अखाड़ों ने स्नान से इंकार कर दिया। मेला प्राधिकरण के साथ ही निगरानी कमेटी भी अब तक गठित न होने से भी अखाड़े नाराज हैं।

संतों को मनाने पहुंचा प्रशासन 

कुम्भ मेले के शाही स्नान के बहिषकार की सूचना पर मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, कुम्भ मेला अधिकारी विजय किरण आनंद और एसपी कुम्भ मेला केपीएस सिंह संतों को मनाने पहुंचे लेकिन अखाड़ों ने बिना स्थायी निर्माण के कोई भी बात करने से इंकार कर दिया। प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रही।

विवाद का कारण यह भी है

बताया जा रहा है कि प्रशासन अखाड़ों में स्थायी निर्माण करा रहा है लेकिन यहां पर यात्री आश्रय बनाने की तैयारी है। इसका अखाड़े विरोध कर रहे हैं। अखाड़ों ने यह कहकर इसका विरोध किया कि अखाड़ों में आने वाले संतों के लिए निर्माण की जरूरत है। ये संत कहा रहेंगे। ऐसे में अखाड़ा भूमि पर अखाड़ों के अलावा किसी और प्रकार का निर्माण नहीं होगा।