संयम आधारित जीवन शैली से पर्यावरण संरक्षण संभव  – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्धन  से पर्यावरणविद श्रीमती कीर्तिदा मकानी के साथ भेंट कर कहा कि देश के विकास में पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण योगदान है| किसी भी देश का नागरिक तभी स्वस्थ एवं विकसित जीवन शैली जी सकता है जब हम विज्ञान और पर्यावरण में संतुलन स्थापित करने में सक्षम हों| उन्होंने कहा कि भगवान महावीर द्वारा बताये गई संयम आधारित जीवन शैली से पर्यावरण संरक्षण संभव है|

आचार्य लोकेश ने कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है| पर्यावरण के प्रभाव का अध्ययन किए बिना जीवन को समझ पाना असम्भव है| पर्यावरण की रक्षा करने में लापरवाही बरतने का अर्थ अपना विनाश करना है| मानव की सभी क्रियाओ का पर्यावरण पर प्रभाव पड़ता है| पिछली दो सदियों से जनसंख्या में हुर्इ वृद्धि तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हुए तीव्र विकास से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कर्इ गुना बढ गया है| पर्यावरण की गुणवत्ता को कम करने तथा इसके क्षरण के लिए ये दो मुख्य कारक मुख्य रूप से उत्तरदायी है। पर्यावरण क्षरण से मानव के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा हो गया है| हमें शीघ्र ही यह जान लेना चाहिए कि मानव जाति के कल्याण एवं अस्तित्व के लिए पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा जैन दर्शन में पृथ्वी, पानी, अग्नि, वायु आदि प्राकृतिक संसाधनो का प्रयोग बुद्धिमतापूर्ण ढंग से करना चाहिए ताकि वर्तमान और भावी पीढी के लिए स्वस्थ पर्यावरण को सुनिश्चित किया जा सके|

आचार्य लोकेश ने हाल ही में हुए अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर एवं मलेशिया की शांति व सद्भावना यात्रा के बारे में डा. हर्षवर्धन को विस्तार से जानकारी दी| बैठक के दौरान आचार्य लोकेश मुनि एवं डा. हर्षवर्धन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागृति पैदा करने के विषय में चर्चा की|

केन्द्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन ने आचार्य लोकेश के विश्व शांति व सद्भावना के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि भारत भूमि पर जन्मे आचार्य लोकेश मुनि आज भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर मानव कल्याण के कार्य कर रहे है| उन्होंने कहा की अहिंसा विश्व भारती संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए जो कार्य कर रही है उसमे वो सदैव सहयोग प्रदान करेंगे| जैन दर्शन में पर्यावरण संरक्षण के मूलभूत सिद्धांत उपलब्ध है| आचार्य लोकेश उन सिद्धान्तों को जन जन तक पहुंचा कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहें हैं|

सिंगापुर से समागत पर्यावरणविद श्रीमती कीर्तिदा मकानी सिंगापुर के लिए राष्ट्रपति द्वारा पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित, गार्डन सिटी फंड की प्रबंधन समिति सदस्य, नेशनल पार्क बोर्ड सिंगापुर की सदस्य, सिस्टेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड सिंगापुर की निदेशक ने अपनी लिखी पुस्तक ‘कम्पैशन फॉर लाइफ थ्रू नेचर’ केन्द्रीय मंत्री को भेंट की| उन्होंने सिंगापुर में चल रहे पर्यावरण संरक्षण के जन जागृति कार्यक्रमों के बारे में डा. हर्षवर्धन को बताया| श्रीमती मकानी सिंगापुर के नेशनल पार्क गार्डन का जिक्र करते हुए कहा कि शहरों में या शहरों के आस पास गार्डन व नेशनल पार्कों को विकसित करने के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए|