सुप्रीम कोर्ट ने किया अयोध्या विवादित स्थल मामले पर लाइव स्ट्रीमिंग की याचिका खारिज

नई दिल्ली / शाहिद खान। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए आरएसएस विचारक केएन गोविंदाचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गोविंदाचार्य की ओर से कहा गया कि कम से कम सुनवाई को लिखा जाए और रिकार्ड किया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट याचिका को खारिज कर दिया।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2018 के आदेश का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग अनिवार्य है. याचिका में कहा गया कि आदेश आने के एक साल होने के बाद भी यह अभी तक लागू नहीं हुआ है.

गोविंदाचार्य ने अपनी याचिका में कहा, “यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है. याचिकाकर्ता समेत लाखों देशवासी इसकी कार्यवाही देखना चाहते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान नियम के कारण वे ऐसा नहीं कर सकते.” उन्होंने कहा, “अगर लाइव स्ट्रीमिंग अभी संभव नहीं है, तो अदालत के अधिकारी कार्यवाही की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिग कर सकते हैं और इसे बाद में शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि लोग राम मंदिर मामले में जल्द से जल्द न्याय के लिए लालायित हैं, जहां भगवान राम पिछले कई सालों से अस्थाई टेंट में रखे गए हैं।