CM योगी ने की चिकित्सा विभाग के कार्याें की समीक्षा

लखनउ/ बुशरा असलम। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। यह सेवाएं गांव, गरीब और समाज के अन्तिम व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचें, इसे सुनिश्चित करना जरूरी है। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला अस्पतालों सहित प्रदेश की सम्पूर्ण चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने आज यहां शास्त्री भवन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा आयुष विभाग मिलकर कार्य करें। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयुष डाॅक्टरों की तैनाती की जाए, जिससे ग्रामीण व पिछड़े इलाकों के लोगों को प्राथमिक उपचार आसानी से प्राप्त हो सके। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जाए, इसके साथ ही, आशा बहुओं को समय से मानदेय भी उपलब्ध कराया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि सभी विभाग अपने बजट का शत-प्रतिशत उपयोग निर्धारित कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं के लिए ही करें। उन्होंने निर्माणाधीन चिकित्सालयों को गुणवत्तापरक तरीके से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माणाधीन चिकित्सालय मार्च, 2018 तक पूर्ण कर लिए जाएं। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेन्स सेवा की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस एम्बुलेन्स सेवा से गम्भीर रोगियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसके व्यापक प्रचार आवश्यकता जतायी। उन्होंने ‘102’ एवं ‘108’ एम्बुलेन्स सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि इन दोनों सेवाओं को बेहतर बनाया जाए साथ ही इसकी माॅनीटरिंग भी की जाए, जिससे जरुरतमन्दों को न्यूनतम रिसपाँस टाइम में इनका लाभ मिल सके।
योगी जी ने कहा कि जिन जनपदों में मातृ एवं शिशु मृत्युदर ज्यादा हो, वहां पर अल्ट्रासाउण्ड मशीन प्राथमिकता के आधार पर स्थापित की जाएं। किडनी रोग के इलाज के लिए डायलिसिस की सुविधाओं को शिफ्टवाॅइज संचालित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किडनी रोगियों को इसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री जी ने मार्च, 2018 तक प्रदेश में 01 हजार प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों को सफलतापूर्वक संचालित करने के निर्देश दिए। जे0ई0 व ए0ई0एस0 के टीकाकरण की जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा कि टीकाकरण में साफ-सफाई व शुद्ध पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, परिवार कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव वित्त श्री संजीव कुमार मित्तल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।