जीवन, योग से संयोग की यात्रा-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी एवं परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं हरिजन सेवक संघ के प्रमुख श्री शंकर कुमार सान्याल जी की भेंट हुई। स्वामी जी ने राष्ट्रपति जी को इलायची की माला देकर उनकी सादगी, सरलता एवं सात्विकता का अभिनन्दन किया और हिमालय की हरित भेंट शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि समाज के सभी अंगों को सद्भाव, भाईचारा और सामन्जस्य के साथ मुख्यधारा से जोड़ने के लिये एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है इसलिये नवम्बर माह में हरिजन सेवक संघ द्वारा  सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है इसमें हरिजन सेवक संघ ने देश के सभी हरिजन सेवकों का आहृवान किया है ताकि उन्हे स्वच्छता एवं समरसता का संदेश दिया जा सके साथ ही सभी को स्वच्छता का संकल्प कराया जायेंगा। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि ’स्वच्छता और समरसता चले साथ-साथ’।

स्वामी जी ने भारतीय विद्या योग के विषय में चर्चा करते हुये महामहिम राष्ट्रपति जी से कहा कि योग का प्रभाव पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है परन्तु कुछ देशों तक अभी भी योग की पहुंच नहीं है इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया तथा उन्होने योग से संयोग की इस महायात्रा में सभी का आहृवान किया

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत भाग्यशाली देश है जिसके पास वर्तमान समय में आन्तरिक एवं बाह्म समृद्धि से युक्त, दृढ़ इच्छशक्ति एवं निर्णय लेने की अद्म्य क्षमता के धनी, श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोंविद जी है जिनके नेतृत्व में देश समृद्धि की नई उचाँईयों तक अवश्य पहुंचेगा।

स्वामी जी ने लौहपुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुये कहा कि दिलों में प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे से युक्त समाज का निर्माण करना ही श्री सरदार पटेल जी के लिये सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होने कहा कि सद्भाव, स्वच्छता एकता एवं भाईचारे के साथ समाज के सभी अंगोें को साथ लाकर हम श्री सरदार पटेल जी का सपना साकार कर सकते है।

आध्यात्मिक गुरू स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने देश के प्रथम नागरिक, महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया तथा इलायची की माला देकर उनका अभिनन्दन किया। इस अवसर पर श्री नरेश यादव जी , डॉ रजनीश कुमार, श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव एवं सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी डायरेक्टर ऑफ इम्प्लीमेंटेशन, जीवा उपस्थित थे।