क्रोध, भय, चिन्ता और तनाव है आपकी बीमारी की मुख्य वजह- सुधांशु जी महाराज

नई दिल्ली। आज के दौर में हर इंसान तमाम तरह की बीमारियों से पीड़ित है। ये जो तरह-तरह की बीमारियाँ हैं, ऐसिडिटी है, कब्जियत है, मलावरोध है तथा और भी भाँति-भाँति की व्याधियाँ। इनका कारण क्या है, यह हमें समझना पड़ेगा। कहा गया है कि क्रोध, भय, चिन्ता और तनाव सभी बीमारियों का बड़ा कारण हैं। इन्सान के ऊपर भय, चिन्ता, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार न जाने कितने-कितने तरह के हथौड़े पड़ते हैं, तो उसके शरीर की दशा क्या होती होगी? मन की दशा क्या होती होगी? उसकी शक्तियों का कितना हृास होता होगा, इस पर यदि प्रयोग किये जायें, तो उसके परिणाम बड़े आश्चर्यजनक आयेंगे। पता चलेगा कि मनुष्य अपनी आयु को खुद जला रहा है, अपने को लगातार कमज़ोर कर रहा है।
ज़रा सोचकर देखिये कि ख़ुद के बुलाए इन रोगों से हमारी शक्तियॉं कितनी जलती हैं। जब आप बहुत ज्यादा क्रोध करने लग जाते हैं, अत्यधिक तनाव में आ जाते हैं, ज्यादा चिन्ता करते हैं, तो आपका भीतरी सिस्टम सारा का सारा बिगड़ जाता है। इसलिए मैं आपसे कहता हूँ कि कुछ क्षण रुको, ज़रा अपने को देखो और अपने को व्यवस्थित करो। ऐसा करने के लिए आपको इन शत्रुओं को जानना व पहचानना पड़ेगा। वे शत्रु, जो आपको खराब कर रहे हैं, आपको निरन्तर कमज़ोर कर रहे हैं।
इन आत्म-व्याधियों को पहचानकर रोगों से बचा जा सकता है, बीमारियों से जूझा जा सकता है और स्वस्थ रहा जा सकता है। तब क्यों न इसकी पहल अभी से की जाय। आप आज से ही, अभी से ही सुस्वस्थ रहने का संकल्प लें।
(लेखक सुधांशु जी महाराज आनंद धाम, दिल्ली के संस्थापक हैं।)