आप ही पूजे-आप ही पूजावे-आप ही बनो पुजारी पंडित घनश्याम वशिष्ठ

गुरुग्राम। छट घाट ग्राउंड सेक्टर 45 कन्हई गांव में हो रही श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस की पावन कथा में श्री राधासर्वेश्वर भगवान की कृपा से कान्हा भैया जी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव की बधाईयों से कथा प्रारम्भ करते हुए। ठाकुर जी बाल लीलाओं का आनंद भक्तो का श्रवण कराया।

जब जब धरती पर अधर्म,अत्याचार बढ़ता है तो भगवान मनुष्य रूप धारण कर आते हैं पापियों का सर्वनाश करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं। द्वापर युग मे भी ठाकुर जी धरा धाम पर कृष्ण रूप मर जन्म लेकर आये।
ब्रज भूमि नंद भवन में बाल लीला करके मैया यशोदा को आनंद सुख प्राप्त कराते हैं मैया यशोदा और ठाकुर जी के प्रेम को देखकर देवता भी कहते हैं धन्य है यशोदा तुम्हारा भाग्य दुनिया को नाचने वाला तुम्हारे इशारे पर नाच रहा है।

ब्रजगोपियों के भावना को पूर्ण करने के लिए ठाकुर माखनचोर बन गए। उन्होंने इस वस्तु की चोरी की जो उनके घर मे बेकार पड़ी है चोरी नही यहाँ ठाकुर ब्रजगोपियों की भावना पूर्ण करते हैं गोपियां मैया यशोदा को ठाकुर जी को माखन खिलाता देखती तो कहती कभी हमारे हाथ का माखन भी ठाकुर जी पाए इसलिए ही भगवान माखनचोर बन गए।
माखनचोरी लीला,चीरचोरी लीला, व अन्य लीलाओं का वर्णन करते हुए।
जहाँ ले चलोगे वही में चलूंगा जहाँ नाथ रखलोगे वहीं में रहूँगा हमारे जीवन मे जो होता वो सब भगवान की मर्जी से होता है भक्त को उनकी लीलाओं का आनंद लेना चाहिए उनके रूप का दर्शन करना चाहिए। ब्रज भूमि पर ठाकुर जी ने ब्रजवासियों को अपराध से बचाने के लिए इंद्र की पूजा बन्द करा गोवर्धन पर्वत के रूप में अपनी पूजा कराई। गायों को धन दे वो गोवर्धन है। कलियुग में ब्रज के साक्षतः देवता हैं श्री गोवर्धन गिर्राज महाराज जो इनकी शरण मे जाते हैं उसके सारे दुखड़े मिटा देते हैं सब संकट कट जाते हैं एक परिक्रमा करने मात्र से।
श्री गिरिराज जी की झांकी का दर्शन करते हुए भजन:- में आयो शरण तिहारी श्री गोवर्धन गिरधारी का आनंद लेते हुए पंचम दिवस की कथा विश्राम हुई।

इस दिव्य आयोजन में प्रतिदिन 4 बजे से हजारो की संख्या भक्त प्रेमी कथा स्थल पर पहुंच कर कथा श्रवण करने पधार रहे हैं आयोजक मेरे सांवरिया समिति कन्हई के भक्त प्रेमी तन,मन,धन से समर्पित हो इस आयोजन को सफल बनाने में लगे हुए धर्म प्रचार यात्रा में…!!