पीआर से बढ़ता है व्यापार और प्यार से बढ़ता है वैश्विक परिवार- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने ’व्यवसाय में उत्कृष्टता क्षेत्रीय सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में सहभाग किया।
ओएनजीसी एवं कम्पनियों के संयुक्त तत्वाधान में केडीएमआईपीई कैम्पस, एएमएन ऑडिटोरियम, देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ’व्यवसाय में उत्कृष्टता एवं उच्च प्रदर्शन’ को बनाये रखने हेतु क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उत्तराखण्ड के महामहिम राज्यपाल कृष्ण कांत पाल जी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, श्री एस के बिस्वास, डॉ ए सी जोशी, डॉ ए के बालियान, डॉ एस के शर्मा, डॉ एस रंगणेकर आईआईटी रूड़की एवं अन्य विशिष्ट अथितियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने हरित व्यवसाय, सुरक्षित एवं सतत व्यवसाय को प्रोत्साहन देते हुये महामहिम राज्यपाल एवं विशिष्ट अतिथियों को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। स्वामी जी ने हरित व्यापार, रिस्पना और बिन्दाल के संरक्षण, स्वच्छ देहरादून एवं व्यापार के साथ परिवार में, आपसी सम्बंधों में प्रेम, बन्धुत्व, संस्कार और नैतिक मुल्यों पर चर्चा की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’संस्कार और नैतिक गुणों का जीवन में होना नितांत आवश्यक है। उन्होने कहा आज चारों ओर कारों का काफिला बढ़ता जा रहा है और संस्कारों का सिलसिला थमता नजर आ रहा है। वर्तमान समय में बाजारों में कारों के नये-नये मॉडल आ रहे है किन्तु संस्कारों को घुन लगता जा रहा है अतः व्यापार के साथ परिवार और संस्कार पर ध्यान देना आवश्यक है। स्वामी जी ने कहा कि व्यापार बढ़ता है पीआर से और परिवार बढ़ता है केवल प्यार से।
स्वामी जी ने सभी का ध्यान रिस्पना और बिन्दाल की ओर आकर्षित करते हुये कहा कि इन नदियों के लिये मिलकर कार्य करें; अब नदियों एवं प्रकृति की बलि नहीं बल्कि उनके लिये बलिदान करने की जरूरत है। देहरादून के लिये तो रिस्पना और बिन्दाल ही गंगा है। उन्होने सभी से आहृवान किया ’अपनी रिस्पना, अपनी बिन्दाल और अपना देहरादून’ आईये मिलकर इन्हे स्वच्छ एवं संरक्षित करें।
स्वामी जी ने सभी को हरित एवं सतत व्यवसाय का संकल्प कराया।