आप राम के सेवक हैं और मैं आपका प्रधान सेवक- पीएम मोदी

प्रयागराज/ मनीष दुबे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में 20 सांस्कृतिक मंचों का औचक निरिक्षण करते हुए अरैल स्थित हेली पैड पर उतरे और फिर अपने विशेष सुरक्षा दस्ते के साथ वे संगम घाट पर पहुंचे. इस दौरान संगम घाट पर एकत्रित जन समुदाय उनकी एक झलक पाने को बेताब नज़र आया और मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने माँ गंगा की पूजा अर्चना करके पवित्र त्रिवेणी जल में डुबकी लगाई. स्नान-पूजन के बाद पीएम मोदी त्रिवेणी संगम स्थित पूजा मन्च पर पहुँचे जहाँ मंत्रों की गूंज के बीच उन्होंने एक विशेष पूजन संपन्न किया और भव्य गंगा आरती में सम्मिलित हुए. प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमन्त्री के इस कुम्भ दौरे में पूरे समय उनके साथ रहे. आरती के बाद मोदी ने स्वच्छता कर्मियों के पैर थाली में धुलाये. साथ ही सुरक्षा कर्मियों और नौका-चालकों से भेंट की और उन्हें कुम्भ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान हेतु धन्यवाद देकर सम्मानित किया. इसके बाद प्रधानमन्त्री का कारवाँ कुम्भ परिसर के सेक्टर 1 स्थित गंगा मंच के लिये रवाना हुआ.

सफाई कर्मियों और सुरक्षाबलों के जवानों से खचाखच भरे गंगा मंच पर प्रधाल योगी, पेयजल मंत्री उमा भारती और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य का सम्बोधन भी हुआ. उमा भारती ने देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मोदी को विश्व का सर्वाधिक शक्तिशाली प्रधानमंत्री बताया.

सीएम योगी ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना की प्रेरणा प्रदान करने के लिए उनका स्वागत किया. सीएम ने बताया कि अब तक 22 करोड़ लोगों का कुम्भ में स्नान सम्पन्न हो चुका है और अगले दस दिनों में यह संख्या 25 करोड़ पार कर जायेगी. योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साढ़े चार वर्षों में स्वयं को मिले उपहारों की नीलामी करके पौने बारह करोड़ की धनराशि नमामि गंगे परियोजना में दान की है प्रदेश के संस्कृति विभाग का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कुम्भ में और प्रयागराज शहर में तैयार किये गए सांस्कृतिक मंच देश के सांस्कृतिक सौंदर्य की जीवंत झलक हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री को एक और भागीरथी की उपमा देते हुए गंगा की निर्मलता के लिए उनके समर्पित प्रयास की तारीफ की.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यदि आप राम जी के सेवक हैं तो मैं आपका प्रधान सेवक हूँ. यदि आप गंगा पुत्र हैं तो मैं माँ गंगा के बुलावे पर आपकी सेवा में आया हूँ. मोदी ने कहा कि इस बार कुम्भ डिजिटल कुम्भ बन कर भी उभरा है. कुम्भ की सफलता में डिजिटल टेक्नोलॉजी की भूमिका भी बराबर से रही है. सम्पूर्ण कुम्भ के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की समर्पित सेवा की भी प्रधानमंत्री ने पूरी तारीफ़ की. उन्होंने खोया पाया विभाग को भी उनके परिश्रम हेतु धन्यवाद दिया और कुम्भ में पधारने वाले समस्त श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमारे आस्थावान आगंतुकों और अतिथियों ने कुम्भ की सफलता को अपनी थकान से पहले रखा है. पीएम मोदी ने उत्तरप्रदेश सरकार और प्रदेश के अधिकारी वर्ग को कुम्भ के लिए किये श्रम हेतु साधुवाद दिया. मोदी ने कहा कि कुम्भ ने देश को दिव्यता और भव्यता के साथ स्वच्छता का सन्देश भी दिया है.

लोक कलाकारों ने बधाई संगम की रंगत

संस्कृत विभाग के सेक्टर 4 अक्षयवट मंच पर लखनऊ से आये बाल फ़िल्मी कलाकार रूबल जैन ने शिव तांडव का शानदार नृत्य किया. वहीं अदिति जायसवाल ने दुर्गा स्तुति पर मनोहारी नृत्य किया. इसी क्रम में उत्तराखंड से आये मुलुक लोक कला एवं सांस्कृतिक संस्थान के कलाकारों ने उत्तराखंड कि पारम्परिक झोड़ा नृत्य, जौनसारी नृत्य, छपेली नृत्य व घसेरी नृत्य करके दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया. इसके अलावा लखनऊ की लोक गायिका संजू सिंह ने शहीदों के लिए गीत सुनाया साथ में कई मधुर भजन एवं होली गीत सुनाये.

सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर प्रयागराज की स्वाति त्रिपाठी ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी जिसके बाद लखनऊ की गायिका नीता निगम ने लोक गीत प्रस्तुत किये. लोक नृत्य और लोक गीत की प्रस्तुतियों के बाद जौनपुर के गायक सुधीर कुमार तिवारी ने भोजपुरी लोक गीत का आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. अंत में लखनऊ की गायिका ब्यूटी चक्रवर्ती के लोक गीत और नृत्य का विशेष कार्यक्रम हुआ जिसे दर्शकों की भरपूर तालियां मिलीं.

सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर लखनऊ के निर्देशक राजा अवस्थी ने ‘दी ग्रेट राजा मास्टर ड्रामा कम्पनी’ नाटक का मंचन किया. नाटक के बाद सुरों से सजे इस कार्यक्रम के बाद लखनऊ के अभिषेक मिश्रा ने भाव नृत्य ‘शिव तांडव’ प्रस्तुत किया जो कि कुम्भ के सांस्कृतिक मंचों पर प्रथम बार देखा गया. लखनऊ की कलाकार संजोली पांडेय ने नृत्य एवं गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. संगीत के इस कार्यक्रम के बाद लखनऊ के ही कलाकार डॉक्टर इंद्र कुमार चौरसिया ने नाटक का मंचन किया जिसके संवादों को दर्शकों की वाहवाही तो मिली ही, उसके सन्देश को भी दर्शकों ने तालियों सहित समर्थन प्रदान किया.